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कोरोना महामारी का असर विद्युतीकरण योजनाओं पर भी, कहीं विभागीय, तो कहीं फिजिकल वर्क के लिये रूका काम

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स्मार्ट मीटरिंग की टेंडर प्रक्रिया भी रूकी

Ranchi :  कोरोना महामारी का असर अलग- अलग सेक्टरों में देखा जा रहा है. बिजली आवश्यक सेवा में शामिल है. केंद्र और राज्य सरकार की ओर से राज्य में संपूर्ण विद्युतीकरण की कई योजनाएं चलायी जा रही है. पिछले दो साल से आ रहे कोरोना महामारी के कारण विद्युतीकरण की कई योनजाएं रूकी है. कई योजनाएं ऐसी है जो पूरी हो गयी है लेकिन बार बार आ रहे कोरोना महामारी के कारण सुदूर क्षेत्रों को जोड़ा नहीं जा पा रहा है.

बता दें राज्य में प्राथमिकता के आधार पर ग्रामीण विद्युतीकरण की योजनाएं चलायी जा रही है. वहीं शहरी विद्युतीकरण में मुख्य रूप से स्मार्ट मीटर का काम रूका है.

किन- किन योजनाओं का रूका काम

लाइन पूरा लेकिन शुरू नहीं किया गया

दीनदयाल उपाध्याय न्यू स्कीम के तहत राज्य में 17415 गांवों में विद्युतीकरण किया जाना है. जेबीवीएनएल इस योजना पर काम कर रही है. निगम की मानें तो अब तक 17140 गांवों में विद्युतीकरण पूरा है. लेकिन दो साल से कोरोना महामारी के कारण 33 केबी लाइन में कनेक्शन नहीं दिया जा रहा है. इस योजना के तहत सौ में से 98 पूराने सब स्टेशन का मरम्मत किया गया है. वहीं 101 नये सब स्टेशन बनाये गये. इनसे में 67 में चार्ज करके शुरू कर दिये गये है. अन्य का काम पिछले साल से रूका है. वहीं 31300 किलोमीटर एलटी लाइन में से 30400 किलोमीटर पूरा हो गया है. लेकिन पिछले साल से इन लाइनों को चालू नहीं किया गया है. योजना केंद्र सरकार की है.

1300 करोड़ की येाजना क्लोजर के लिये रूकी

वहीं 12 वीं प्लान के लिये तहत चल रही दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत काम पूरा हो गया है. लेकिन वेरिफिकेशन नहीं होने के कारण काम रूका है. निगम ने बताया कि येाजना कुल 1300 करोड़ की थी. इसके तहत 17 जिलों में काम पूरा हुआ. वहीं 10417 गांवों में काम पूरा हो गया. साल 2020 के शुरूआती दिनों में योजना का काम लगभग पूरा हो गया था. लेकिन कोरोनो महामारी के कारण निगम की ओर से काम का वेरिफिकेशन नहीं किया गया. पिछले साल दिंसबर ने इस काम को पूरा करने वाली 12 एजेंसियों को पत्र लिखा था. जिसमें जल्द से जल्द वेरिफिकेशन कराने का आदेश दिया था. निगम से जानकारी मिली की कुछ एजेंसियों ने जानकारी दे दी है. कुछ की रिपोर्टिंग बाकी है. ऐसे में इस साल आये कोरोना ने फिर से इस योजना की वेरिफिकेशन सब्मिशन रोक दी. बता दें इस योजना के जानकारी निगम को केंद्र सरकार को देना है.

स्मार्ट मीटरिंग पिछले साल से रूकी

निगम की मानें तो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिये संपूर्ण झारखंड बिजली आच्छदन योजना चलायी जा रही है. ये मुख्यतः ऐसे क्षेत्रों के लिये है जो कस्बों में बसे हो. लेकिन ये योजना भी पिछले साल से रूकी है. योजना के लिये कोई निश्चित टारगेट नहीं है. एरिया वेरिफाई कर इसमें काम किया जाता है.

वहीं स्मार्ट मीटर योजना के तहत तीन जिलों में मीटर रिप्लेस करने है. इसमें रांची, धनबाद और जमशेदपुर है. साल 2020 में ही इन तीनों जिलों के लिये टेंडर निकाली गयी. जेबीवीएनएल की ओर से इन जिलों के लिये टेंडर इवॉल्यूशन भी हो गया है. लेकिन कोरोना महामारी के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है. बता दें इस योजना के तहत रांची में 3 लाख 50 हजार उपभोक्ताओं का मीटर रिप्लेस किया जायेगा. वहीं धनबाद और जमशेदपुर मिला कर कुल तीन लाख का लक्ष्य रखा गया है.

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