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रांची रेलवे स्टेशन पर बढ़ती यात्रियों की लापरवाही बन रही जानलेवा

रांची रेलवे स्टेशन पर रोजाना सुरक्षा नियमों की अनदेखी लोगों की जान को खतरे में डाल रही है. फुट ओवरब्रिज बने होने के बावजूद भी यात्री सीधे पटरियों से गुजरना तेज और आसान मानते हैं.
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Ranchi : रांची रेलवे स्टेशन पर रोजाना सुरक्षा नियमों की अनदेखी लोगों की जान को खतरे में डाल रही है. फुट ओवरब्रिज बने होने के बावजूद भी यात्री सीधे पटरियों से गुजरना तेज और आसान मानते हैं. 

 

कई लोग बंद रेलवे फाटक के नीचे से निकलकर तेज रफ्तार ट्रेन के सामने जोखिम उठाते हैं. चलती ट्रेन के दरवाजे पर लटकना, प्लेटफॉर्म के किनारे खड़े रहना और गंदगी फैलाना जैसी आदतें भी खतरनाक साबित हो रही हैं.

 

रेलवे लगातार चेतावनी देता है, घोषणाएं करता है और सोशल मीडिया पर अभियान चलाता है, लेकिन लोगों के व्यवहार में खास बदलाव नहीं दिखता.

 

रांची की यह स्थिति कोई अकेला मामला नहीं है पूरे देश में यही लापरवाही भारी पड़ रही है. NCRB की 2023 की रिपोर्ट बताती है कि रेलवे हादसों में होने वाली ज्यादातर मौतों के पीछे जनता की असावधानी ही मुख्य कारण है, न कि ट्रेन की तकनीकी खराबी.

 

रिपोर्ट के अनुसार पिछले तीन वर्षों (2023–2025) में देश में 76 हजार से ज्यादा रेलवे हादसे हुए. इनमें 67 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई और 9 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए. सिर्फ 2023 में दर्ज 21,803 मौतों में से 73% मौतें ट्रैक पार करते समय, चलती ट्रेन से गिरने या प्लेटफॉर्म-ट्रेन के बीच फंसने जैसी घटनाओं में हुईं.

 

तकनीकी कारणों से होने वाली दुर्घटनाएं बेहद कम है. लोको पायलट की गलती से सिर्फ 56 मामले, जबकि ट्रैक या मशीनरी खराबी से 43 मामले दर्ज हुए. यानी रेलवे की तकनीकी सुरक्षा बेहतर हुई है, लेकिन लोगों की लापरवाही लगातार जान ले रही है.

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