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Jharkhand News : मुख्यमंत्री सारथी योजना पर भाजपा ने उठाए सवाल, श्वेतपत्र की मांग

Ranchi News : शोभा यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री सारथी योजना का उद्देश्य युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना है. जुलाई 2023 में योजना के पहले चरण के तहत 80 प्रखंड स्तरीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों की शुरुआत की गई थी.
 
शोभा यादव (फाइल फोटो)

Ranchi News : भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शोभा यादव ने मुख्यमंत्री सारथी योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हुए सरकार पर युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार देने में विफल रहने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन योजनाओं का वास्तविक लाभ कितने युवाओं तक पहुंच रहा है, इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है.

 

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शोभा यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री सारथी योजना का उद्देश्य युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना है. जुलाई 2023 में योजना के पहले चरण के तहत 80 प्रखंड स्तरीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों की शुरुआत की गई थी.

 

योजना में प्रशिक्षण के बाद रोजगार नहीं मिलने पर पात्र युवाओं को निर्धारित शर्तों के तहत बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान है. इसके बावजूद प्रशिक्षण केंद्रों के संचालन और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं.

 

उन्होंने श्रम एवं कौशल विकास विभाग के दिसंबर 2024 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में लगभग 5.25 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने, 4.5 लाख को प्रमाणपत्र प्रदान करने और करीब 2.25 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई थी.

 

उन्होंने सवाल किया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शेष युवाओं की वर्तमान स्थिति क्या है और कितने युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार मिला है.

 

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करना और वास्तविक रोजगार हासिल करना अलग-अलग बातें हैं. यदि प्रशिक्षण के बाद भी युवा बेरोजगार रहते हैं, तो योजना का उद्देश्य पूरा नहीं होता. उन्होंने वित्त वर्ष 2026-27 में कौशल विकास मिशन के लिए 585 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को खर्च की गई राशि और उससे मिले परिणामों का हिसाब देना चाहिए.

 

शोभा यादव ने सरकार से मुख्यमंत्री सारथी योजना के तहत संचालित सभी प्रशिक्षण केंद्रों की वर्तमान स्थिति पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की. उन्होंने कहा कि इसमें प्रशिक्षित युवाओं, प्रमाणपत्र प्राप्त करने वालों, रोजगार पाने वाले लाभार्थियों, लंबित प्लेसमेंट, बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने वाले पात्र युवाओं और योजना पर खर्च की गई राशि का पूरा विवरण दिया जाना चाहिए. साथ ही, बंद या प्रभावित प्रशिक्षण केंद्रों को सुचारु रूप से संचालित करने और प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की.

 

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