Ranchi News : छात्रों से जुड़े हालिया विवाद ने झारखंड की राजनीति में एक नया मोड़ ले लिया है. इंडिया गठबंधन के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य सचिव से मिलने पहुंचा और छात्र आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं को लेकर विस्तार से अपनी बात रखी. इस मुलाकात में कांग्रेस, झामुमो, राजद और माले जैसे दलों के नेता मौजूद रहे, जिससे यह साफ हो गया कि सत्तारूढ़ गठबंधन इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है.
बीजेपी पर आरोप, सरकार को बदनाम करने की साजिश का दावा
नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन का फायदा उठाकर भाजपा से जुड़े कुछ गुटों ने माहौल खराब करने की कोशिश की. गठबंधन के अनुसार, इसका मकसद सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाना था. हालांकि नेताओं ने यह भी कहा कि अगर जांच में किसी छात्र की भूमिका भी अराजकता फैलाने में सामने आती है, तो उसे भी बख्शा नहीं जाना चाहिए. यानी गठबंधन ने अपनी बात रखते हुए संतुलन बनाए रखने की कोशिश की.
CID जांच में तेजी और वीडियो सबूत सौंपे गए
प्रतिनिधिमंडल की मुख्य मांगों में से एक थी सीआईडी जांच को और तेज करना. नेताओं ने बताया कि जेपीएससी के अध्यक्ष सहित दो दर्जन से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी और पूछताछ पहले से ही चल रही है. इसके अलावा नेताओं ने अराजकता से जुड़े वीडियो फुटेज भी मुख्य सचिव को सौंपे, ताकि वास्तविक दोषियों की पहचान वीडियो के आधार पर की जा सके. गठबंधन का कहना है कि आंदोलन में शामिल आम छात्रों और अराजकता फैलाने वाले तत्वों के बीच फर्क करना बेहद जरूरी है, ताकि निर्दोष छात्रों को परेशानी न हो.
48 घंटे में कार्रवाई की मांग
झामुमो नेताओं ने साफ कहा कि छात्रों की जायज मांगों को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है, लेकिन अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ अगले 48 घंटे के भीतर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. इस मुलाकात के जरिए गठबंधन ने एक तरफ छात्रों के प्रति सहानुभूति जताई, तो दूसरी तरफ प्रशासन पर तेज कार्रवाई का दबाव भी बनाया.
इस मुलाकात के बाद छात्र आंदोलन का मुद्दा एक बार फिर झारखंड की राजनीति के केंद्र में आ गया है. एक तरफ गठबंधन छात्रों की मांगों के साथ खड़ा होने का दावा कर रहा है, तो दूसरी तरफ आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं को लेकर दोषियों पर कार्रवाई का दबाव भी बना रहा है.
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