Ranchi News : जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक 8 अक्टूबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगी. बैठक सुबह 11 बजे शुरू होगी. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इसकी अध्यक्षता करेंगी. देश के सभी राज्यों के वित्त मंत्री बैठक में शामिल होंगे. यह बैठक पहले 12 सितंबर को होनी थी. बाद में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और अन्य कारणों से तारीख बदली गई. अब बैठक 8 अक्टूबर को होगी.
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एक साल बाद हो रही जीएसटी काउंसिल की बैठक
जीएसटी काउंसिल की पिछली बैठक 3 और 4 सितंबर 2025 को हुई थी. उस बैठक में जीएसटी की दरों और टैक्स स्लैब में बड़े बदलाव का फैसला लिया गया था. करीब एक साल बाद होने वाली इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर राज्य से जुड़े कई मुद्दे बैठक में रखेंगे. उन्होंने कहा कि जीएसटी में बदलाव के बाद राज्य की आय पर पड़े असर और हुए नुकसान का मुद्दा उठाया जाएगा.
वैट और मुआवजे का मुद्दा भी उठेगा
राधाकृष्ण किशोर के अनुसार, बैठक में जीएसटी की प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ राज्यों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी. झारखंड वैट से मिलने वाले हिस्से और वैट पर टैक्स लगाने का अधिकार राज्यों को देने की मांग रखेगा.
इसके अलावा जीएसटी कम्पनसेशन की राशि देने की मांग भी की जाएगी. उनका कहना है कि जीएसटी में बदलाव के कारण राज्यों की आय पर असर पड़ा है और इसकी भरपाई जरूरी है.
जीएसटी बदलाव से झारखंड को 20-22 हजार करोड़ के नुकसान का दावा
वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी सरलीकरण के नाम पर झारखंड को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है. उन्होंने दावा किया कि एमएमडीआर में बदलाव, मनरेगा का नाम बदलकर जीरामजी किए जाने और जीएसटी सरलीकरण से राज्य को करीब 20-22 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
उन्होंने कहा कि इन सभी मुद्दों को जीएसटी काउंसिल के सामने रखा जाएगा. राज्य सरकार का कहना है कि केंद्र की नीतियों का असर झारखंड की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है.
एमएमडीआर में बदलाव पर भी आपत्ति
राधाकृष्ण किशोर ने एमएमडीआर में किए गए बदलाव को लेकर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि जमीन राज्य के अधिकार में है, जबकि जमीन के नीचे मौजूद खनिज संवैधानिक व्यवस्था के तहत केंद्र के अधिकार क्षेत्र में आता है.
उनका कहना है कि धारा 9डी और धारा 2 में बदलाव से राज्यों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं. अगर इसी तरह अधिकार केंद्र के पास जाते रहे तो भविष्य में राज्यों के अधिकार और सीमित हो सकते हैं. उन्होंने इसे संघीय ढांचे के लिए चिंता का विषय बताया.
चार साल में जीएसटी कलेक्शन 76 प्रतिशत बढ़ा
झारखंड सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में राज्य का एसजीएसटी वास्तविक संग्रह 13,980 करोड़ रुपये रहा. वहीं, 2026-27 के लिए एसजीएसटी का बजट लक्ष्य 14,564 करोड़ रुपये रखा गया है.
राज्य का जीएसटी कलेक्शन चार वर्षों में 76 प्रतिशत बढ़ा है. इसके बावजूद जीएसटी कम्पनसेशन में बड़ी गिरावट आई है. 2021-22 में झारखंड को जीएसटी कम्पनसेशन के रूप में 1,526 करोड़ रुपये मिले थे. 2024-25 में यह राशि घटकर सिर्फ 36 करोड़ रुपये रह गई. यानी चार साल में मुआवजे की राशि करीब 98 प्रतिशत कम हो गई है.
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