Ranchi : राज्य में बालू घाटों को चालू कराने की दिशा में खान विभाग की कोशिशें लगातार तेज होती जा रही हैं. एनजीटी की संभावित रोक लगने से पहले अधिक से अधिक बालू घाटों को शुरू कराने के लिए विभाग लगातार एग्रीमेंट प्रक्रिया पूरी करने में जुटा है. इस मामले को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित होने और जिला स्तर पर लंबित फाइलों को प्राथमिकता मिलने का असर अब साफ दिखने लगा है.
शुक्रवार को रामगढ़ और दुमका जिले के दो-दो बालू घाटों का उपायुक्त स्तर पर एग्रीमेंट किया गया. इसके साथ ही पिछले एक सप्ताह में राज्यभर में 17 बालू घाटों का एग्रीमेंट पूरा हो चुका है. वहीं, खबर लिखे जाने तक 18 अन्य बालू घाटों की फाइलें विभिन्न जिलों के उपायुक्तों के टेबल पर लंबित बताई जा रही हैं.
जानकारी के अनुसार अभी जामताड़ा, रांची, दुमका, लातेहार और खूंटी, हजारीबाग जिले के कई बालू घाटों का एग्रीमेंट होना बाकी है. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया में तेजी लाकर जल्द सभी लंबित मामलों का निष्पादन करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि आम लोगों और निर्माण कार्यों के लिए बालू की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके.
शुक्रवार को जिन चार बालू घाटों का एग्रीमेंट किया गया, उनमें रामगढ़ जिले के सिरका और पैंकी बालू घाट शामिल हैं. वहीं, दुमका जिले के रानीश्वर प्रखंड स्थित छोटाकामती और जर्मुंडी प्रखंड स्थित हरिपुर बालू घाट का भी एग्रीमेंट पूरा किया गया.
शुक्रवार को इन बालू घाटों का हुआ एग्रीमेंट
रामगढ़ जिला
सिरका बालू घाट (2.46 हेक्टेयर)
पैंकी बालू घाट (0.62 हेक्टेयर)
दुमका जिला
छोटाकामती बालू घाट, रानीश्वर
हरिपुर बालू घाट, जरमुंडी
35 बालू घाटों से सरकार को 1 साल में 1000 करोड़ रूपये के राजस्व की प्राप्ति होगी. 35 बालू घाटों का एग्रीमेंट हो जाता है तो एग्रीमेंट के बाद घाट शुरू होते ही सरकार के कोष में 500 करोड़ रूपया आ जाएगा. इसके उपरांत 3 महीने के बाद ढाई सौ करोड़ और अगले तीन महीने के बाद ढाई सौ करोड़ की राजस्व की प्राप्ति होगी.
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