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लातेहार : बिना सूचना माइंस मैनेजर मिथिलेश कुमार ने कराया ड्रोन सर्वे, जिसके बाद बढ़ा विवाद

लातेहार जिला मुख्यालय से सटे तुबेद कोलियरी के पास केमा गांव में बीते दिन ग्रामीणों की साप्ताहिक बैठक में पुलिस की दखलअंदाजी के कारण बवाल हुआ, जिसमें कई पुलिस जवान और ग्रामीण घायल हो गये.
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  • ग्राम सभा की अनुमति के बिना डीवीसी का ड्रोन कर रहा था वीडियोग्राफी
  • ग्रामीणों का पक्ष-महिलाओं का वीडियो लेना, उनके सम्मान के साथ खिलवाड़ है

Ranchi/Latehar  :  लातेहार जिला मुख्यालय से सटे तुबेद कोलियरी के पास केमा गांव में बीते दिन ग्रामीणों की साप्ताहिक बैठक में पुलिस की दखलअंदाजी के कारण बवाल हुआ, जिसमें कई पुलिस जवान और ग्रामीण घायल हो गये.

 

लातेहार पुलिस ना तो इस झड़प को रोक पायी, ना ही अपने जवानों का बचाव कर सकी और ना ही ग्रामीणों को सुरक्षा दे पायी, जो जिला पुलिस की बड़ी विफलता को दर्शाता है. 

 

इस घटना के बाद सवाल उठ रहे हैं कि जिला मुख्यालय से सिर्फ 12 किमी दूर हिंसक झड़प की घटना होती रहीं, लेकिन जिला पुलिस के सीनियर अधिकारी वहां नहीं पहुंचे.

 

माइंस मैनेजर ने करवाया था ड्रोन सर्वे

बताया जाता है कि तुबेद कोलियरी के माइंस मैनेजर मिथिलेश कुमार द्वारा पिछले सप्ताह ड्रोन सर्वे करवाया जा रहा था. बिना ग्राम सभा की अनुमति लिए सर्वे कराने पर ग्रामीणों ने विरोध किया था.

 

इसके पूर्व भी ओरिएंटल माइंस कंपनी के लिए सर्वे कर रही सीएमपीडीआई के ड्रोन का ग्रामीणों ने विरोध किया था. ग्रामीणों ने ड्रोन जब्त कर ऑपरेटर समेत चार लोगों को बंधक भी बना लिया था. 

 

ग्राम सभा की बैठक में पहुंची पुलिस 

बताया जा रहा है कि पडहा राजा और दीवान बहादुर टाना भगत, सुबेदार टाना भगत और सुमेज टाना भगत के नेतृत्व में हर गुरुवार को अखाड़ा में बैठक आयोजित की जाती है. 

 

बीती रात भी बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें माइंस मैनेजर मिथिलेश कुमार पहुंचे और ड्रोन सर्वे नहीं रोकने की बात कही. ग्रामीणों ने विरोध किया तो उन्होंने स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी. 

 

सूचना पर पुलिस पदाधिकारी धर्मवीर सिंह दल बल के साथ अखाड़ा के पास पहुंचे. पुलिस की गाड़ी देखकर ग्रामीण उग्र हो गए और उनके स्वशासन क्षेत्र में उनकी अनुमति के बिना पुलिस के आने पर सवाल खड़े किये.

 

इसी बीच एक पुलिसकर्मी ग्रामीणों को डांट फटकार करने लगा, जिससे ग्रामीण और उग्र हो गए. इसके बाद आक्रोशित महिला-पुरुष ग्रामीण पारंपरिक हथियारों से लैस होकर पुलिस जवानों को घेर लिया और उनकी जमकर पिटाई कर दी. 

 

किसी तरह जान बचाकर पुलिसकर्मी वहां से भागने लगे और अपने वरीय पदाधिकारी की इस घटना की सूचना दी. इसके बाद भारी संख्या में पुलिस बल वहां पहुंचे, जिस पर ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया. 

 

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ग्रामीणों का कहना-गांव में बिना अनुमति बाहरी के प्रवेश पर है रोक 

बताया जाता है कि तुबेद फेस-2 में केमा गांव विस्थापित होने वाला है. यह गांव टाना भगत बहुल गांव है. उनका कहना है कि जहां आदिवासियों का स्वशासन है, वहां संविधान की अनुसूची 13 लागू है. वहां किसी अन्य की प्रवेश पर रोक लगा दिया गया है.

 

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उनके अनुमति के बिना गांव में एक भी व्यक्ति नहीं प्रवेश कर सकता है और ना ही कोई गतिविधि का संचालन कर सकता है. लेकिन डीवीसी हमेशा उनके ग्राम में घुसने का प्रयास कर रही है. 

 

ग्रामीणों ने बताया कि अगर कोयला कंपनियों के लोग या प्रशासन उनके गांव में आती है तो वह खून खराबा से पीछे नहीं हटेंगे. किसी भी कीमत पर अपनी जमीन अपना स्वशासन कोयला कंपनियों को नहीं सौंपेंगे. 

 

 

 

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