Ranchi News : कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ना जरूरी है. उन्होंने नेपाल हाउस में सहकारिता प्रभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध क्रियान्वयन और तकनीकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
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मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बजट खर्च करना नहीं, बल्कि ऐसी योजनाओं को जमीन पर उतारना है, जिनका स्थायी लाभ किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिले. उन्होंने हर विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित कोल्ड स्टोरेज-कम-मार्केटिंग सेंटर की डीपीआर को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार करने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि देश की अग्रणी लॉजिस्टिक और कोल्ड-चेन कंपनियों से तकनीकी सुझाव लेकर परियोजना को बेहतर बनाया जाए. राज्य के करीब 20 जिलों में 5,000 मीट्रिक टन क्षमता वाले कोल्ड स्टोरेज बने हैं, लेकिन कई जगह तकनीकी कमियों के कारण एफपीओ, सहकारी समितियों और थर्ड पार्टी ऑपरेटरों को संचालन में परेशानी होती है.
बैठक में सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन के तहत रागी के आटे की आपूर्ति के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई. पायलट प्रोजेक्ट में रांची, खूंटी और सरायकेला-खरसावां को शामिल किया गया है. मंत्री ने कहा कि इससे स्थानीय किसानों को बाजार मिलेगा और बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध होगा.
‘लाह पोषक समृद्धि योजना’ की भी समीक्षा हुई. योजना के तहत लाह उत्पादन के लिए सीमियालता, कुसुम, बेर और कैलियेंड्रा समेत उपयोगी पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे. करीब 20 डिसमिल भूमि पर एकीकृत खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित किए जाएंगे. मंत्री ने अधिकारियों को सभी योजनाओं में पारदर्शिता, तकनीकी गुणवत्ता और किसानों को प्रत्यक्ष लाभ सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
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