- महाधिवक्ता ने पलामू टाइगर रिजर्व के संरक्षण को लेकर उठाए गए कदमों की दी जानकारी
- लातेहार और गढ़वा डीसी को प्रतिवादी बनाने का निर्देश
- सरकार को विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश
Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट में पलामू टाइगर रिजर्व के संरक्षण को लेकर दायर विकास महतो की जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट के आदेश के आलोक में PCCF वाइल्ड लाइफ और पलामू टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर कोर्ट में हाजिर हुए.
महाधिवक्ता राजीव रंजन ने पलामू टाइगर रिजर्व का नक्शा कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया और इसके संरक्षण को लेकर उठाए गए कदमों पर जानकारी कोर्ट को दी. उन्होंने कोर्ट को बताया कि पलामू टाइगर रिजर्व के रास्ते में आने वाले रेलवे लाइन और सड़क को हटाने का प्रयास किया जा रहा है.
कोर्ट ने सरकार को विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 अप्रैल की तिथि निर्धारित की.
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हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने अगली सुनवाई में PCCF वाइल्ड लाइफ और फील्ड डायरेक्टर पलामू टाइगर रिजर्व को सशरीर उपस्थिति से छूट प्रदान की. खंडपीठ ने मामले में लातेहार और गढ़वा डीसी को प्रतिवादी बनाने का निर्देश दिया है.
बता दें कि पिछली सुनवाई में कोर्ट ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF), वाइड लाइफ द्वारा जवाब दाखिल नहीं किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई थी और उन्हें सशरीर कोर्ट में हाजिर रहने का निर्देश दिया था.
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