Ranchi News : झारखंड में जनप्रतिनिधियों द्वारा अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा और अमर्यादित व्यवहार किए जाने के मुद्दे पर झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने चिंता जतायी है. एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो से इस मामले में संज्ञान लेकर कड़ा संदेश देने की मांग की है.
इसे भी पढ़ें...
पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश संयुक्त सचिव राकेश पांडे ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि राज्य में जनप्रतिनिधियों द्वारा बदजुबानी, अमर्यादित भाषा और अधिकारियों व पुलिसकर्मियों के अपमान का ट्रेंड बनता जा रहा है.
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अनुशासन का पाठ केवल वर्दीधारी पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों के लिए ही है. जब प्रभाव रखने वाले लोग ही सार्वजनिक रूप से अभद्र व्यवहार करेंगे, तो व्यवस्था कैसे सुचारू रूप से चलेगी.
राकेश पांडे ने विधानसभा अध्यक्ष से भी सवाल करते हुए कहा कि अनुशासन का पाठ पढ़ाने के लिए क्या अब विधानसभा में भी माननीयों की पाठशाला लगाने का समय आ गया है.
उन्होंने कहा कि सरकार के आदेश पर सुशासन कायम करने के लिए पुलिसकर्मी और प्रशासनिक कर्मचारी दिन-रात ड्यूटी करते हैं. ऐसे में उनके साथ शोषण और अपमान की घटनाओं को रोकने की दिशा में सार्थक कदम उठाने की आवश्यकता है.
एसोसिएशन ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को अनसुना कर आगे बढ़ जाना किसी समस्या का समाधान नहीं है. राज्य के हर वर्ग के कर्मचारी झारखंड की समृद्धि और विकास में अपना योगदान दे रहे हैं. पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों के परिवार के सदस्य भी उनके साथ होने वाले व्यवहार को देखते हैं. एसोसिएशन ने कहा कि पुलिसकर्मी भी इसी समाज और सरकार के परिवार का हिस्सा हैं.
प्रदेश संयुक्त सचिव ने मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष समेत सभी जनप्रतिनिधियों से मामले में संज्ञान लेने और ऐसा कड़ा संदेश देने की अपील की, जिससे ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक कर्मियों के सम्मान की रक्षा हो सके. बयान के अंत में उन्होंने बाबा बैद्यनाथ से सभी माननीयों पर कृपा बनाए रखने की कामना की.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

