Jamtara News: नाला विधानसभा क्षेत्र में कथित अवैध बालू उठाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. नाला विधानसभा के पूर्व भाजपा प्रत्याशी माधव चंद्र महतो ने बालू के अवैध उठाव के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी देते हुए पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
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माधव महतो ने आरोप लगाया कि नालाघाट, रंगासोला, कस्ता, सुल्तानपुर, चिचुड़विला और पत्थरघाटा समेत कई बालू घाटों से कथित तौर पर रोजाना बड़े पैमाने पर बालू उठाव हो रहा है. उनका कहना है कि जहां एनजीटी के नियमों और पर्यावरणीय प्रावधानों को लेकर बालू उठाव पर सख्ती की बात कही जाती है, वहीं नाला विधानसभा में नियमों की खुलेआम अनदेखी क्यों हो रही है, इसका जवाब प्रशासन को देना चाहिए.
उन्होंने कहा कि अगर आम व्यक्ति नदी से एक ट्रैक्टर बालू ले जाता है, तो कार्रवाई और एफआईआर की बात सामने आती है, लेकिन बड़े पैमाने पर बालू लदे वाहनों के परिचालन पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? उन्होंने पुलिस पेट्रोलिंग वाहनों के सामने से बालू लदे वाहनों के गुजरने का भी आरोप लगाया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की.
माधव महतो ने कहा कि बालू किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि झारखंड की प्राकृतिक संपदा है. इसके अवैध दोहन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
उन्होंने घोषणा की कि भाजपा की ओर से एक-दो दिनों में मशाल जुलूस और अगले दिन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा. उन्होंने प्रशासन से मांग की कि बालू उठाव की जांच कर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर समान रूप से कार्रवाई की जाए.
गौरतलब है कि नाला क्षेत्र में कथित अवैध बालू उठाव को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं. प्रशासन द्वारा कार्रवाई और बालू उठाव बंद कराने की बात कहे जाने के बावजूद गतिविधियां जारी रहने के आरोप लग रहे हैं. ऐसे में अब सवाल यह है कि नदी से बालू उठाव पर प्रशासन की निगरानी वास्तव में कितनी प्रभावी है और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई कब होगी?
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