- बड़ा तालाब स्थित कार्यालय में 12 वार्डों के लोगों को मिल रही सुविधा
- स्ट्रीट लाइट से लेकर पानी और सफाई तक की शिकायतें
Ranchi News : नगर निगम के चक्कर लगाने से शहरवासियों को राहत दिलाने के लिए नये अंचल कार्यलाय खोले गए है. इन अंचल कार्यालयों में शिकायतें पहुंचने लगी हैं. बड़ा तालाब स्थित नगर निगम के अंचल कार्यालय में 23 दिनों के भीतर 147 मामले पहुंचे. इनमें से 122 मामलों का निष्पादन कर दिया गया है, जबकि 25 मामले अब भी लंबित हैं.
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इन कार्यालयों को खोलने का उद्देश्य लोगों को अपने वार्ड के आसपास ही नगर निगम से जुड़ी समस्याओं का समाधान कराना है. शहर के 53 वार्डों के लिए पांच अंचल कार्यालय खोले गए हैं. बड़ा तालाब स्थित अंचल कार्यालय में 12 वार्डों के लोगों की समस्याओं के समाधान की व्यवस्था की गई है. यहां विद्युत, जलापूर्ति, जन्म-मृत्यु निबंधन, निवारण, राजस्व एवं बाजार, स्वच्छता और स्वास्थ्य सहित अन्य शाखाओं से संबंधित कार्य किए जा रहे हैं.
स्ट्रीट लाइट, पानी और सफाई से जुड़ी शिकायतें
अंचल कार्यालय में अब तक स्ट्रीट लाइट खराब होने, पानी का मोटर खराब होने, पाइपलाइन से पानी लीक होने, पेड़ों की डालियों की कटाई और कचरा जमा होने जैसी शिकायतें पहुंची हैं. इसके अलावा साफ-सफाई से संबंधित समस्याएं भी लोग लेकर आ रहे हैं. हालांकि, 25 मामलों का अब तक निष्पादन नहीं हो सका है.
किसी का काम हुआ, तो किसी को लौटना पड़ा
अंचल कार्यालय खुलने से लोगों को अपने क्षेत्र की समस्याएं लेकर दूर स्थित मुख्य नगर निगम कार्यालय जाने से राहत मिल रही है. होटवार की ज्योति प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित काम के लिए कार्यालय पहुंचीं थी. उन्होंने बताया कि पहले इस काम के लिए नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे. वहीं, हरमू हाउसिंग कॉलोनी की प्रियंका वाटर बिल जमा करने पहुंचीं, लेकिन उन्हें बिल जमा करने के लिए मुख्य नगर निगम कार्यालय भेज दिया गया. अंचल कार्यालय में सभी सेवाएं अभी उपलब्ध नहीं हैं.
प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए दस्तावेज जरूरी
पहाड़ी टोला की ज्योति देवी प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए दस्तावेज जमा करने पहुंचीं. वह अपने साथ एग्रीमेंट पेपर, बैंक पासबुक, आधार कार्ड, लगान रसीद और खतियान लेकर आई थीं. बड़ा तालाब अंचल कार्यालय के सीओ नदीम ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित दस्तावेज जमा करना अनिवार्य है.
आवास स्वीकृत होने के बाद लाभुक को करीब 2.50 लाख रुपये दिए जाते हैं. यह राशि चार किस्तों में दी जाती है. पहली किस्त में 25 हजार रुपये और अंतिम किस्त में 45 हजार रुपये दिए जाते हैं. उन्होंने बताया कि आवास निर्माण के बाद नगर निगम की टीम इसकी मॉनिटरिंग करती है. लाभुक को एक साल के भीतर आवास बनाना पड़ता है.
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