- जीईएल चर्च कब्रिस्तान में हुआ अंतिम संस्कार
- हजारों विश्वासियों ने किए अंतिम दर्शन
Ranchi News : जीईएल चर्च के बिशप सीमांत संदीप तिर्की को शनिवार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई. उनका अंतिम संस्कार जीईएल चर्च कब्रिस्तान में किया गया. इससे पहले उनका पार्थिव शरीर गोस्सनर थियोलॉजिकल कॉलेज में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था, जहां हजारों विश्वासियों, विद्यार्थियों और गणमान्य लोगों ने श्रद्धांजलि दी.
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इनमें कोलेबिरा विधायक विल्सन कोनगाड़ी, खिजरी विधायक राजेश कच्छप, पूर्व बिशप जोहन डांग, सीएन आईं चर्च के पुरोहित जोलजस कुजूर, प्रार्थना सभा के संत रवि जारमाया, पूर्व टीएसी सदस्य रतन तिर्की, ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट के अध्यक्ष प्रवीण कच्छप समेत सैकड़ों पुरोहित ने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए. इसके बाद पार्थिव शरीर को अंतिम यात्रा वाहन से कब्रिस्तान ले जाया गया. यहां बाइबल वचन और विनती के बाद उन्हें दफनाया गया.
अंतिम संस्कार के दौरान आयोजित प्रार्थना सभा में वक्ताओं ने कहा कि यीशु मसीह में विश्वास रखने वाले मृतक अनंत जीवन के लिए फिर जी उठेंगे. मसीही विश्वासियों के लिए मृत्यु जीवन का अंत नहीं, बल्कि प्रभु के साथ अनंत जीवन की आशा है. मोडरेटर मार्शल केरकेट्टा ने कहा कि जो लोग यीशु मसीह में विश्वास रखते हुए संसार से विदा हुए हैं, वे प्रभु के आगमन पर सबसे पहले जी उठेंगे.
उन्होंने कहा कि धरती पर मनुष्य का जीवन घास के समान क्षणिक है. जन्म, बचपन, युवावस्था और बुढ़ापे के बाद हर व्यक्ति को संसार छोड़ना पड़ता है. मनुष्य का शरीर मिट्टी से बना है और मिट्टी में मिल जाता है, लेकिन अनंत जीवन की आशा परमेश्वर से जुड़ी है. शोक की इस घड़ी में परमेश्वर ही परिवार को दुख सहने की शक्ति और संबल प्रदान करते हैं.
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