Ranchi News : विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए लाइब्रेरी बनाए गए है. ताकि पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बेहतर माहौल उपलब्ध हो सके. विदयार्थियों के लिए शहर में तीन प्रमुख लाब्रेरी बनाए गए है.
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जिसमें कचहरी रोड स्थित रांची विश्वविद्यालय के सामने स्टेट लाब्रेरी, रांची विश्वविद्यालय के सामने सेंट्रल लाब्रेरी और बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम के नीचे साझा केंद्रीय पुस्कालय मोरहाबादी में बनाया गया है. इन तीनों लाइब्रेरी में हर दिन हजारों विद्यार्थी पढ़ने पहुंचते है. एक स्थान पर विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाएं की तैयारी करते है. ताकि विद्यार्थियों का भविष्य उज्जवल हो सके.
कचहरी स्थित स्टेट लाइब्रेरी में एक नाइट गार्ड के भरोसे सुरक्षा व्यवस्था
कचहरी स्थित स्टेट लाइब्रेरी में हर दिन करीब 500-600 विद्यार्थी विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने पहुंचते है. यह सुबह करीब 8 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहता है. लेकिन इस लाइब्रेरी में केवल एक नाइट गार्ड ही रहता है. जबकि दिन में कोई गार्ड उपलब्ध नहीं कराए गए है.
दिन में गार्ड नहीं रहने से विद्यार्थी ही बाहरी प्रवेश पर निगरानी करते है. इस लाइब्रेरी में महिला-पुरूष विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग कमरे बनाए गए है.
साझा केंद्रीय पुस्तकालय में प्रत्येक विद्यार्थी से 300 रुपये महीने शुल्क
भगवान बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडिम मोरहाबादी में साझा पुस्तकालय बनाया गया है. यहां हर दिन सैकड़ों विद्यार्थी जेपीएससी व जेएसएसी समेत अन्य प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने पहुंचते है. यहां विद्यार्थियों के पढ़ने के लिए भव्य हॉल बनाए गए है.
जहां महिला और पुरूष विद्यार्थी एक कमरे में बैठकर परीक्षा की तैयारी करते है. लेकिन यहां महिला विद्यार्थी एक तरफ बैठते है. जबकि दूसरी ओर पुरूष विद्यार्थी तैयारी करते है. इन छात्रों की सुरक्षा के लिए हमेशा गार्ड कमरे के अंदर और बाहर पहरा देते है. छात्रों ने बताया कि यहां पर पढ़ने के लिए हर महीने 300 रुपए फी लिया जाता है.
रांची विश्वविद्यालय के सेंट्रल लाइब्ररी में पानी और लाइट की समस्या
रांची विश्वविद्यालय के सेंट्रल लाइब्रेरी में विद्यार्थियों के लिए सुविधा नाम मात्र के लिए है. यह लाइब्रेरी विद्यार्थियों के लिए सुबह 8 बजे से लेकर रात 9 बजे तक खुला रहता है. यहां विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए चार गार्ड तैनात रहते है, जिसमें सुबह शाम दो–दो गार्ड मौजूद रहते है. यहां पर हर दिन करीब 300 से 400 विद्यार्थी पढ़ने पहुंचते है. लेकिन इनको जो सुविधाएं मिलनी चाहिए थी, वह सुविधा सही से नहीं मिल रहा है.
यहां पढ़ने के दौरान लाइट कट जाती है, तो पूरे लाइब्रेरी परिसर में अंधेरा छा जाता है. यहां एक हॉल में महिला और पुरूष विद्यार्थी एक ही जगह पर बैठकर तैयारी करते है. छात्रों ने बताया कि पानी पीने की व्यवस्था सही से नहीं है. यहां महिला शौचालय की स्थिति बदहाल बनी हुई है. यहां पर एक भी महिला गार्ड की नियुक्ति नहीं की गई है.
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