Search

 
 
 

Ranchi News : संगीत-नृत्य की प्रस्तुतियों से गूंजा डोरंडा कॉलेज, ‘हिलोर’ का शानदार आगाज

Ranchi News : उद्घाटन समारोह में रांची विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राज कुमार शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. कला एवं संस्कृति निदेशालय, रांची विश्वविद्यालय के निदेशक डॉ. आनंद कुमार ठाकुर विशिष्ट अतिथि रहे. इस दौरान प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. मंजू लाल, डॉ. शिल्पी सिंह, डॉ. ब्रजेश कुमार और डॉ. मलय भारती भी मौजूद रहे.
 
यूथ फेस्टिवल

Ranchi News : डोरंडा कॉलेज में 6 से 8 तक तीन दिवसीय युवा महोत्सव ‘हिलोर 2026’ की शुरुआत उत्साह और उमंग के साथ हुई. महोत्सव के पहले दिन संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों ने कॉलेज परिसर में सांस्कृतिक रंग बिखेर दिया. लोक वाद्ययंत्रों की धुन और आदिवासी नृत्य की जीवंत प्रस्तुतियों ने विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया.

 

इसे भी पढ़ें...

 

उद्घाटन समारोह में रांची विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राज कुमार शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. कला एवं संस्कृति निदेशालय, रांची विश्वविद्यालय के निदेशक डॉ. आनंद कुमार ठाकुर विशिष्ट अतिथि रहे. इस दौरान प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. मंजू लाल, डॉ. शिल्पी सिंह, डॉ. ब्रजेश कुमार और डॉ. मलय भारती भी मौजूद रहे.

 

मुख्य अतिथि डॉ. राज कुमार शर्मा ने कहा कि युवा महोत्सव विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर देते हैं. ‘हिलोर’ जैसे आयोजन युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उनकी रचनात्मक क्षमता को भी सामने लाते हैं. उन्होंने झारखंड की आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए ग्लोबल हैप्पीनेस इंडेक्स के संदर्भ में आदिवासी जीवन-पद्धति के महत्व पर भी बात रखी.

 

डॉ. आनंद कुमार ठाकुर ने कहा कि रांची विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को कला और संस्कृति के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए लगातार मंच उपलब्ध करा रहा है. उन्होंने विद्यार्थियों से भविष्य के सांस्कृतिक आयोजनों को लेकर अपने सुझाव कला एवं संस्कृति निदेशालय को देने की अपील की और कहा कि उपयोगी सुझावों को कार्यक्रमों में शामिल किया जाएगा.

 

महोत्सव के दूसरे सत्र में संगीत और नृत्य की आठ विधाओं में प्रतियोगिताएं हुईं. विद्यार्थियों ने सुगम/हल्का एकल गायन, पाश्चात्य एकल गायन, भारतीय एवं पाश्चात्य समूह गायन, लोक वाद्यवृंद, शास्त्रीय एवं पाश्चात्य एकल वाद्य वादन, शास्त्रीय नृत्य तथा लोक/आदिवासी नृत्य में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया.

 

प्रतियोगिताओं में डॉ. मृणाल पाठक और डॉ. विपुल नायक ने निर्णायक की भूमिका निभाई. वहीं, पूरे सत्र के आयोजन का समन्वय डॉ. प्रिया कुमारी और डॉ. युगेश कुमार महतो ने किया.

 

उद्घाटन समारोह का संचालन डॉ. अरविंद कुमार और प्रो. ममता प्रिया कुजूर ने किया. अंत में डॉ. मलय भारती ने धन्यवाद ज्ञापन किया. महोत्सव के सफल आयोजन में कॉलेज के सभी शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही