Ranchi News : रांची सदर अस्पताल समेत जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में अब पत्रकारों के प्रवेश को लेकर नए नियम लागू किए गए हैं. सिविल सर्जन डॉ अमरेंद्र प्रसाद ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं. नए आदेश के बाद पत्रकारों को सरकारी अस्पतालों में रिपोर्टिंग के लिए अनुमति लेनी होगी. खासकर ICU, HDU, SNCU और इमरजेंसी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पत्रकार बिना अनुमति प्रवेश नहीं कर सकेंगे.
मरीजों की निजता को बताया गया मुख्य कारण
आदेश के अनुसार, ICU, HDU, SNCU, इमरजेंसी, OT, लेबर रूम, प्रोसीजर रूम और नर्सिंग एरिया को प्रतिबंधित क्षेत्र बनाया गया है. इन जगहों पर जाने के लिए अस्पताल प्रबंधन से पहले अनुमति लेनी होगी. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मरीजों की निजता और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है.
अस्पताल के वार्ड और संवेदनशील जगहों पर मीडिया के प्रवेश पर रोक रहेगी. अब किसी भी पत्रकार या मीडिया प्रतिनिधि को अस्पताल में रिपोर्टिंग, फोटो, वीडियो या लाइव करने से पहले संबंधित अधिकारी से अनुमति लेनी होगी. मरीज की फोटो या वीडियो बनाने और उसकी पहचान सार्वजनिक करने के लिए भी तय नियमों का पालन करना होगा.
17 अगस्त को उठे थे मरीजों की सुरक्षा के सवाल
इससे पहले 17 अगस्त को सोशल एक्टिविस्ट ज्योति शर्मा ने अस्पताल प्रबंधन को पत्र भेजा था. पत्र में ICU और HDU जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों के प्रवेश और इससे मरीजों की सुरक्षा और निजता पर पड़ने वाले असर को लेकर सवाल उठाए गए थे. इसके करीब पांच दिन बाद अस्पताल प्रशासन ने मीडिया के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं.
छात्र आंदोलन के बाद बढ़ी सख्ती
बताया जा रहा है कि हाल के छात्र आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र समर्थक, सुरक्षाकर्मी और मीडिया कर्मी अस्पताल पहुंचे थे. इस दौरान अस्पताल में मरीजों को परेशानी होने की शिकायत भी सामने आई थी. बिना अनुमति अस्पताल में प्रवेश को लेकर भी सवाल उठे थे.
पत्रकार आकाश चोपड़ा पर FIR के बाद भी चर्चा
अस्पताल में मीडिया की गतिविधियों पर बढ़ी सख्ती को पत्रकार आकाश चोपड़ा के खिलाफ दर्ज FIR से भी जोड़कर देखा जा रहा है. इससे पहले भी अस्पताल के नियमों के उल्लंघन को लेकर पत्रकारों पर FIR दर्ज हो चुकी है. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों की निजता और सुरक्षा सबसे जरूरी है. नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.
एक मरीज के साथ एक अटेंडेंट को अनुमति
नए निर्देशों के अनुसार, अस्पताल में भर्ती मरीज के साथ निर्धारित समय में केवल एक अटेंडेंट को जाने की अनुमति होगी. हालांकि, विशेष परिस्थिति में अस्पताल प्रबंधन किसी मामले में इस नियम में बदलाव कर सकता है.
अस्पताल प्रबंधन की भी तय की गई जिम्मेदारी
नए नियमों में अस्पताल प्रबंधन के लिए भी कई निर्देश दिए गए हैं. अस्पताल में विजिटर और अटेंडेंट पॉलिसी को साफ तौर पर प्रदर्शित करना होगा. प्रतिबंधित क्षेत्र और नो एंट्री से जुड़े बोर्ड लगाने होंगे. इसके अलावा वेटिंग एरिया को अलग से चिह्नित करना होगा.
इमरजेंसी और एंबुलेंस के रास्ते में किसी तरह की रुकावट नहीं होनी चाहिए. सुरक्षा कर्मचारियों और संबंधित स्टाफ की नियमित ब्रीफिंग करनी होगी. अस्पताल प्रशासन ने सभी सुरक्षा कर्मियों, कर्मचारियों और डॉक्टरों को इन नियमों की जानकारी देने का निर्देश दिया है.
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