Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

Ranchi News :  डोरंडा कॉलेज में छात्रों की तस्वीर खींचने पर बवाल, शिक्षकों पर ‘कैरेक्टर असैसिनेशन’ के आरोप

डोरंडा कॉलेज में दो छात्रों की बिना अनुमति तस्वीर खींचने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. घटना के बाद कॉलेज परिसर में तनाव का माहौल है और छात्राओं ने खुद को असुरक्षित बताया है. मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया, जब कुछ शिक्षकों पर पीड़िता और अन्य छात्राओं के चरित्र पर सवाल उठाने के आरोप लगे.
Advertisement
Advertisement

Ranchi :  डोरंडा कॉलेज में दो छात्रों की बिना अनुमति तस्वीर खींचने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. घटना के बाद कॉलेज परिसर में तनाव का माहौल है और छात्राओं ने खुद को असुरक्षित बताया है. मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया, जब कुछ शिक्षकों पर पीड़िता और अन्य छात्राओं के चरित्र पर सवाल उठाने के आरोप लगे.

 

 

जानें क्या है मामला

पीड़ित छात्राओं और परिजनों के अनुसार, एक छात्र ने बिना सहमति छात्रा की तस्वीर खींची. छात्रों ने इसकी शिकायत भी की. आरोप है कि कॉलेज के कुछ शिक्षकों ने आरोपी का बचाव किया और उल्टा छात्रा को ही कटघरे में खड़ा कर दिया.

 

छात्राओं का कहना है कि महिला शिक्षकों ने अभद्र टिप्पणी की. आरोप है कि शिकायत करने पर उनसे कहा गया कि तुम कॉरिडोर में खड़ी रहती हो, इसलिए ऐसा होता है. पीड़िता की मां और बहन ने भी आरोप लगाया कि शिक्षकों ने छात्रा के चरित्र पर टिप्पणी की.

 

छात्रों ने भी आरोप है कि मामले को दबाने और शिकायत वापस लेने का दबाव भी बनाया जा रहा है.

 

कॉलेज प्रशासन ने आरोपों को नकारा

मामले पर डोरंडा कॉलेज की प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. दीपिका टोप्पो ने शिक्षकों पर लगे आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि शिक्षक की अपनी गरिमा होती है और कोई भी प्रोफेसर उस मर्यादा को नहीं लांघ सकता.

 

कॉलेज प्रशासन के मुताबिक, आरोपी छात्र ने सामने से नहीं, बल्कि साइड एंगल से तस्वीर ली थी, जिसमें छात्रा स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रही थी. प्रशासन का दावा है कि शिक्षकों ने तत्काल छात्र का मोबाइल जब्त कर तस्वीर डिलीट करवाई. कहा कि थाना प्रभारी, छात्रा व उसके परिजनों की मौजूदगी में मामले को शांत करा दिया गया.

 

छात्रों ने प्रशासन की सफाई पर उठाए सवाल

छात्रों ने प्रशासन के दावों को गलत बताते हुए कई सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि अगर तस्वीर में कुछ आपत्तिजनक नहीं था, तो उसे पीड़िता को दिखाए बिना क्यों डिलीट किया गया? उनका दावा है कि उनके पास शिक्षकों द्वारा की गई कथित टिप्पणी और धक्का-मुक्की के वीडियो सबूत मौजूद हैं.

 

साथ ही आरोप लगाया गया कि पुलिस के पहुंचने के बावजूद आरोपी छात्र को सार्वजनिक रूप से पूछताछ के लिए नहीं बुलाया गया और उसके खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. छात्रों का आरोप है कि विभाग की छवि बचाने के लिए आरोपी को संरक्षण दिया जा रहा है.

 

मामले की जांच कर रही डोरंडा पुलिस

घटना की सूचना मिलने पर डोरंडा थाना प्रभारी कॉलेज पहुंचे और छात्रों की शिकायत दर्ज की. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. हालांकि, आरोपी छात्र पर अब तक किसी स्पष्ट कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है.

 

कॉलेज प्रशासन मामले को शांत बताने की कोशिश कर रहा है, लेकिन छात्रों के विरोध और वीडियो सबूतों के दावों ने पूरे प्रकरण को गंभीर बना दिया है.

 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही