Search

 
 
 

24 अगस्त से शुरू होगी भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा : देवेंद्र महतो

Ranchi News : देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में आंदोलनरत अभ्यर्थियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार से भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और योग्य अभ्यर्थियों को न्याय देने की मांग की. झारखंड में पिछले 26 दिनों से भर्ती व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितता और अपारदर्शिता के खिलाफ आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है.
 
आंदोलनरत अभ्यर्थियों ने की प्रेस वार्ता

Ranchi News : देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में आंदोलनरत अभ्यर्थियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार से भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और योग्य अभ्यर्थियों को न्याय देने की मांग की. झारखंड में पिछले 26 दिनों से भर्ती व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितता और अपारदर्शिता के खिलाफ आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है.

 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में 11वीं से 13वीं जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं देने वाले आंदोलनरत अभ्यर्थी शामिल हुए. अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से कई मामलों में कार्रवाई के बावजूद न्यायालय में मजबूती से पक्ष नहीं रखे जाने के कारण छात्रों के हित प्रभावित हो रहे हैं.

 

अभ्यर्थियों के मुताबिक, 25 जुलाई से शुरू हुए सत्याग्रह और 2 अगस्त से भूख हड़ताल के बाद सरकार ने 17 अगस्त को 45 विवादित परीक्षाओं को लेकर कार्रवाई की. इनमें 22 परीक्षाएं रद्द करने, 17 परीक्षाओं की जांच कराने और 6 परीक्षाओं को स्थगित करने की बात कही गई. हालांकि, छात्रों का आरोप है कि 11वीं से 13वीं जेपीएससी, फूड सेफ्टी ऑफिसर (FSO), सीडीपीओ और जेएसएससी सीजीएल जैसे मामलों में न्यायालय के समक्ष सरकार की ओर से सीआईडी जांच और कथित अनियमितताओं से जुड़े तथ्यों को प्रभावी तरीके से नहीं रखा गया.

 

उनका कहना है कि इससे संबंधित मामलों में न्यायालय से रोक लगने के बाद अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ी है. उन्होंने सरकार से मांग की कि वह न्यायालय में मजबूती से अपना पक्ष रखे और योग्य और निर्दोष अभ्यर्थियों के भविष्य को सुरक्षित करे.

 

अभ्यर्थियों ने आंदोलन के अगले चरण के तहत 24 अगस्त से ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ शुरू करने की घोषणा की है. यात्रा की शुरुआत दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा से की जाएगी. इसके बाद यात्रा राज्य के सभी 24 जिलों के मुख्यालयों, प्रमुख चौक-चौराहों, विश्वविद्यालयों और लाइब्रेरी क्षेत्रों तक पहुंचाने की योजना है.

 

इस यात्रा का उद्देश्य भर्ती व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों और आम लोगों को जागरूक करना और सरकार पर व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए दबाव बनाना है.

 

अभ्यर्थियों ने 15 सितंबर को होने वाली न्यायालय की अगली सुनवाई को लेकर सरकार से भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में मजबूती से अपना पक्ष रखने की मांग की. ऐसा नहीं करने पर आंदोलन को व्यापक रूप देने की बात कही. अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री आवास के घेराव और पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन चक्का जाम की चेतावनी दी है. 

 

आंदोलनरत अभ्यर्थियों ने कहा कि उनकी लड़ाई योग्य और निर्दोष चयनित अभ्यर्थियों के खिलाफ नहीं है. उनका उद्देश्य भर्ती व्यवस्था से कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को खत्म करना है. उन्होंने सरकार से दागदार और निर्दोष अभ्यर्थियों के बीच अंतर करते हुए योग्य छात्रों को न्याय देने की मांग की.

 

अभ्यर्थियों ने पीजीटी, नगर पालिका, लैब असिस्टेंट, उत्पाद सिपाही, फील्ड वर्कर और आशुलिपिक समेत अन्य परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं की भी जांच कराने की मांग की.

 

छात्र नेताओं ने कहा कि भविष्य में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, धांधली और पैरवी के जरिए नियुक्ति की किसी भी संभावना को खत्म करने के लिए सरकार को ठोस व्यवस्था और स्पष्ट गारंटी देनी चाहिए.

 

अभ्यर्थियों ने कहा कि आंदोलन विनोद बाबू, गुरुजी शिबू सोरेन, निर्मल महतो, भगवान बिरसा मुंडा और सिदो-कान्हू जैसे महापुरुषों के संघर्ष और विचारों से प्रेरणा लेते हुए आगे बढ़ेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि भर्ती व्यवस्था में स्थायी सुधार होने तक आंदोलन जारी रहेगा.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही