Ranchi : एक मामूली सड़क दुर्घटना से जुड़े मामले में अधिवक्ता मनोज टंडन की जब्त कार को रांची सिविल कोर्ट के आदेश के बावजूद डोरंडा थाना द्वारा नहीं छोड़े जाने पर एडवोकेट्स एसोसिएशन ने मामले को झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति गौतम कुमार चौधरी की कोर्ट में मेंशन किया.
सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता सचिन कुमार और अधिवक्ता दीपंकर ने बताया गया कि रांची सिविल कोर्ट में सरकार की ओर से इससे संबंधित क्रिमिनल रिवीजन पर सुनवाई लंबित है.
कोर्ट ने अधिवक्ता की गाड़ी छोड़ने को लेकर दायर हस्तक्षेप याचिका पर सुनवाई करते हुए डोरंडा थाना प्रभारी को रांची सिविल कोर्ट के आदेश का अनुपालन आज दोपहर 4:30 तक करने का निर्देश दिया. वहींं कोर्ट में मौजूद सिटी एसपी को भी रांची सिविल कोर्ट के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
बता दें कि रांची सिविल कोर्ट के न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा 1 की अदालत में बुधवार को इस मामले की सुनवाई हुई थी.
इससे पहले सरकार की ओर से बताया गया जुडिशियल कमिश्नर के समक्ष रांची पुलिस की ओर से अधिवक्ता मनोज टंडन की गाड़ी को छोड़ने के आदेश के खिलाफ क्रिमिनल रिवीजन फाइल की गई है, जिस पर सिविल कोर्ट में कल सुनवाई हुई थी.
कोर्ट को बताया गया था कि डोरंडा थाना में घंटों इंतजार करने के बाद और सिविल कोर्ट के आदेश के बाद भी उनकी गाड़ी नहीं छोड़ी गई. 17 फरवरी को कार डोरंडा थाना की पुलिस ने जब्त की थी, जिसे 9 दिन बीत जाने पर भी कार नहीं छोड़ी गई.
बता दें कि बीते दिनों हाईकोर्ट ने मनोज टंडन की याचिका पर सुनवाई करते हुए डोरंडा थाने में दर्ज दोनों एफआईआर की आगे की जांच और कार्यवाही पर रोक लगाई है. याचिकाकर्ता मनोज टंडन के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाने का निर्देश दिया है. साथ ही SSP रांची स्थिति पर नजर रखने को कहा है और याचिकाकर्ता की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है.
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