Ranchi News : पढ़ाई का दबाव, असफलता का डर और पारिवारिक अपेक्षाओं के बीच मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखना विद्यार्थियों के लिए बेहद जरूरी है. इसी उद्देश्य से शुक्रवार को मारवाड़ी कॉलेज में मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक मजबूती और जीवन की चुनौतियों से निपटने को लेकर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया. कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार के निर्देशन में हुआ.
इसे भी पढ़ें...
इस अवसर पर शिवानी परमार और विवाराज श्री वर्मा ने विद्यार्थियों को मानसिक रूप से मजबूत बनने और कठिन परिस्थितियों का सकारात्मक तरीके से सामना करने के तरीके बताए. उन्होंने कहा कि पढ़ाई का दबाव, माता-पिता की अपेक्षाएं, रिश्तों में परेशानियां, असफलता का डर और दूसरों से तुलना जैसी परिस्थितियां विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं.
वक्ताओं ने बताया कि मानसिक मजबूती का अर्थ अपनी भावनाओं को दबाना नहीं, बल्कि उन्हें समझना और सही तरीके से संभालना है. इसके लिए आत्मविश्वास बनाए रखना, सकारात्मक सोच विकसित करना, धैर्य रखना और समस्याओं को खुलकर साझा करना जरूरी है. उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि किसी भी परेशानी में अकेले संघर्ष करने के बजाय विश्वसनीय लोगों से बातचीत करें और जरूरत पड़ने पर मदद लेने में संकोच न करें.
सत्र में कठिन परिस्थितियों में संतुलित निर्णय लेने और जीवन की चुनौतियों का सामना करने के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा हुई. कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और उनके व्यक्तित्व के समग्र विकास को बढ़ावा देना था.
इस दौरान संदेश दिया गया कि मजबूत होने का अर्थ यह नहीं है कि जीवन में कभी परेशानी न आए, बल्कि हर परिस्थिति में स्वयं को समझकर, संभालकर आगे बढ़ना ही वास्तविक मानसिक मजबूती है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

