Ranchi News : रांची विश्वविद्यालय में वर्षों से कार्यरत अस्थायी, संविदा और ग्रेड III व IV कर्मचारियों के भविष्य को लेकर टेक्निकल छात्र संघ ने सवाल उठाए हैं. संघ ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट साझा कर विश्वविद्यालय प्रशासन पर कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किए जाने की आशंका जताई है.
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पोस्ट में दावा किया गया है कि विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों और वोकेशनल/सेल्फ फाइनेंस कोर्स में वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों को सीधे आउटसोर्सिंग मॉडल में लाने की अंदरूनी प्रक्रिया चल रही है.
टेक्निकल छात्र संघ ने कहा कि कई कर्मचारी 15 से 20 वर्षों या उससे अधिक समय से विश्वविद्यालय में सेवा दे रहे हैं. संघ ने कहा कि उम्र के इस पड़ाव पर इन कर्मचारियों के लिए दूसरी जगह नौकरी तलाशना मुश्किल होगा. ऐसे में निजी आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से नियुक्ति होने पर कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा और वेतन को लेकर भी चिंता बढ़ सकती है.
संघ ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि विश्वविद्यालय के परीक्षा फॉर्म भरने से लेकर रिजल्ट तैयार करने और दैनिक डेटा एंट्री तक के कार्यों में ग्रेड III और IV कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है. संघ ने इन कर्मचारियों के अनुभव का सम्मान करने और उन्हें हटाने के बजाय उनके भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की है.
नियमितीकरण और आउटसोर्सिंग रोकने की मांग
टेक्निकल छात्र संघ ने मांग की है कि वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी अस्थायी और संविदा कर्मचारियों को उनकी वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर नियमित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए. साथ ही कर्मचारियों को आउटसोर्स करने की कथित प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने और वर्षों से कार्यरत संविदा एवं अस्थायी कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है.
संघ ने कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर सभी कर्मचारी और छात्र संगठनों को एकजुट होने की जरूरत है. पोस्ट में कर्मचारियों के वर्षों की सेवा का सम्मान करने और आउटसोर्सिंग बंद करने की अपील भी की गई है.
टेक्निकल छात्र संघ ने अपनी फेसबुक पोस्ट के माध्यम से इन मुद्दों को सार्वजनिक करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से कर्मचारियों के भविष्य को लेकर स्पष्ट कदम उठाने की मांग की है.
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