Ranchi : तेतुलिया जमीन घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बिमल अग्रवाल को दो सप्ताह के अंदर जांच एजेंसी के सामने सरेंडर करने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश जॉयमाल्या बागची की पीठ ने बिमल अग्रवाल की याचिका को रद्द करते हुए यह आदेश दिया.
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि अभियुक्त द्वारा सरेंडर करने के बाद जब भी नियमित जमानत याचिका दायर की जाये. सक्षम न्यायालय उस पर पूर्व की टिप्पणियों के प्रभावित हुए बिना विचार करे.
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद बिमल अग्रवाल के पास तेतुलिया जमीन घोटाले की जांच कर रही सीआईडी के सामने सरेंडर करने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है.
राजबीर कंस्ट्रक्शन ने जमीन खरीदने के लिए उमायुष मल्टीकॉम को दिए चार करोड़
दरअसल तेतुलिया जमीन घोटाले की जांच के दौरान यह पाया गया था कि राजबीर कंस्ट्रक्शन ने जमीन खरीदने के लिए उमायुष मल्टीकॉम को चार करोड़ रुपये दिये थे. इसके बाद शैलेष सिंह की कंपनी उमायुष मल्टीकॉम में 10.30 करोड़ रुपये में 74.38 एकड़ जमीन इजहार हुसैन व अख्तर हुसैन से खरीदी थी.
एक लाख रुपये की शेयर कैपिटल से बनी उमायुष मल्टीकॉम ने अपने गठन के दो महीने बाद ही यह जमीन खरीदी थी. सर्किल रेट पर इस जमीन की कीमत 23.13 करोड़ रुपये आंकी गयी है.
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