Ranchi News: तेतुलिया जमीन घोटाले में IAS अधिकारी राजेश्वरी बी के पति सूरज की भूमिका संदेहास्पद है. इसके दो प्रमुख कारण हैं. पहला शैलेश कुमार सिंह का इस जमीन घोटाले की योजना में शामिल होना है. दूसरा कारण सूरज द्वारा उसकी मुलाकात राजबीर कंस्ट्रक्शन के निदेशक से कराना है. इसी मुलाकात के बाद राजबीर कंस्ट्रक्शन ने तेतुलिया में जमीन खरीदने में पैसा लगाया था.
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जारी जांच में पाया गया कि शैलेश सिंह ने सिर्फ तेतुलिया जमीन में ब्रोकर के रूप में काम नहीं किया. वह इजहार हुसैन व अख्तर हुसैन के माध्यम से 103 एकड़ वन भूमि पर फर्जी दस्तावेज के सहारे कब्जा करने की योजना में शामिल था. उसने 85% जमीन बेचने का अधिकार तीन Power of Attorney के सहाले ले लिया था. इन तीनों Power of Attorney के सहारे उसने 103 एकड़ जमीन में से 86 एकड़ जमीन बेचने का अधिकार ले लिया था. तीन में दो Power of Attorney जमीन के म्यूटेशन के पहले लिया और एक म्यूटेशन होने के बाद. शैलेश ने म्यूटेशन से पहले ही इहजार हुसैन से 86 एकड़ में से 64 एकड़ जमीन बेचने का अधिकार हासिल कर लिया था.
ईडी ने जांच में पाया कि शैलेश कुमार सिंह ने अख्तर हुसैन व इजहार हुसैन से तीन Power of Attorney लिया था. पहला Power of Attorney 7-6-2011 को हस्ताक्षरित किया गया. इसका नंबर 6341/843 है. दूसरा Power of Attorney (नंबर-3938/197) 3-5-2012 को हुआ. तीसरा Power of Attorney (नंबर- 4865/258) 2-7-2012 को हुआ. पहले Power of Attorney में शैलेश सिंह ने 21 एकड़ जमीन बेचने का अधिकार लिया था. दूसरे में 43 एकड़ और तीसरे Power of Attorney में 22 एकड़ जमीन बेचने का अधिकार लिया था. जमीन का म्यूटेशन हुसैन बंधुओं के नाम पर 29-6-2012 को हुआ था.
शैलेश सिंह ने म्यूटेशन से पहले लिये गये Power of Attorney से कुल 17 लोगों को जमीन बेची. म्यूटेशन से पहले के Power of Attorney के सहारे ही उसने अपने बेटे के नाम पर बनायी गयी कंपनी (M/s Umaayush Milticom Pvt .Ltd) को 86 एकड़ में से 74 एकड़ जमीन बेची. 10 एकड़ जमीन शिल्पी कुमारी सिंह से दो बार में बेची. बाकी जमीन छोटे-छोटे टुकड़ों में बेची.
राजबीर कंस्ट्रक्शन ने IAS अधिकारी राजेश्वरी बी के पति सूरज द्वारा शैलेश सिंह की मुलाकात कराये जाने के बाद M/s Umaayush Milticom Pvt .Ltd को पैसा दिया. इसी पैसे से M/s Umaayush Milticom Pvt .Ltd के नाम पर 74 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री के समय स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रशन फीस का भुगतान किया गया.
जांच में पाया गया कि शैलेश सिंह ने इजहार हुसैन से कुल 103 एकड़ जमीन 25 हजार रुपये डिसमिल की दर से लेने की बात की थी. इसमें यह शर्त भी थी कि जमीन पर दावे की स्थिति में 6500 रुपये प्रति डिसमिल कम की दर पर हुसैन बंधुओं को भुगतान किया जायेगा. इस सहमति के बाद शैलेश ने हुसैन बंधुओं को कुल 1.75 करोड़ रुपये का भुगतान किया था. शैलेश ने इजहार से जमीन लेने के बाद पांच लाख रुपये प्रति डिसमिल से अधिक दर पर जमीन बेची. लेकिन दस्तावेज में इससे काफी कम पैसा दिखाया.
म्यूटेशन पूर्व के Power of Attorney से बेची गयी जमीन
| क्षेत्रफल | कागजी मूल्य | तिथि | खरीददार |
| 5 एकड़ | 55.65लाख | 28-3-2014 | शिल्पी कुमारी सिंह |
| 5 एकड़ | 55.65 लाख | 23-4-2014 | शिल्पी कुमारी सिंह |
| 6 डिसमिल | 1.41लाख | 8-12-2014 | बाधु राम |
| 4 डिसमिल | 1.00लाख | 4-2-2015 | पूजा देवी |
| 4 डिसमिल | 1.00लाख | 12-2-2015 | चंदन तिवारी |
| 8 डिसमिल | 1.87लाख | 18-2-2015 | पूनम सिंह |
| 6 डिसमिल | 1.43लाख | 3-3-2015 | ममता मरांडी |
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