- आंदोलनकारियों के बच्चों के अधिकारों पर हमला बर्दाश्त नहीं : रामनंदन साहु
Lohardaga News : जिला के सहकारिता भवन परिसर में आज झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की बैठक हुई. बैठक में सैकड़ों आंदोलनकारियों ने हिस्सा लिया. इस मौके पर आंदलकारियों को राजकीय मान-सम्मान और अलग पहचान देने, बाल-बच्चों को रोजगार व नौकरियों में शत-प्रतिशत गारंटी, जेल जाने की बाध्यता समाप्त करने और सभी आंदोलनकारियों को 50-50 हजार रुपये पेंशन सहित अन्य लाभ देने के सरकार के आश्वासन पर अमल नहीं होने पर चर्चा की गई.
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इस मौके पर जेएसएससी में आंदोलनकारियों के बच्चों और आश्रितों के लिए आरक्षित सीटों को बेचने के विरोध में 29 सितंबर को मशाल जुलूस निकाली जाएगी. 30 सितंबर को झारखंड बंद करने का निर्णय लिया गया. कार्यकारी अध्यक्ष रोजलीन तिर्की ने कहा कि आंदोलनकारियों को अपने बच्चों को अधिकार दिलाना होगा. स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखना होगा.
उन्होंने कहा कि झामुमो सरकार संघर्ष और शहादत की बुनियाद पर बनी है. जिला अध्यक्ष रामनंदन साहू ने कहा कि आंदोलनकारियों, उनके पुत्र-पुत्रियों और आश्रितों के अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अलग राज्य के माय, माटी व मूल्य की बातें इस सरकार में नहीं हो रही हैं. जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की चर्चा नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि 30 सितंबर को आंदोलनकारी अपने अस्तित्व, अस्मिता, पहचान और बाल-बच्चों के भविष्य की रक्षा के लिए झारखंड बंद करेंगे.
इस मौके पर भिखराम उरांव, प्रदीप उरांव, अनंत राम, ननू लोहरा, हरि उरांव, जसीनता केरकेट्टा, बुद्धेश्वर उरांव, अजीज अंसारी, सुकारो केरकेट्टा, आयता उरांव, ताहिर अंसारी, देव मोहन महतो, जीवन कुजूर, निर्मला देवी, अनिता उराईन, महेंद्र मिस्त्री, एडयानी कुजूर, मालो भगताई, फुल देव भगत, दशरथ साइ सहित बड़ी संख्या में झारखंड आंदोलनकारी उपस्थित थे.
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