Ranchi News : आहार पत्रिका के प्रकाशन और वितरण में कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में झारखंड हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने पूर्व मंत्री सरयू राय पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को अपने ऊपर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच से भी नहीं घबराना चाहिए.
इसे भी पढ़ें...
राकेश सिन्हा ने कहा कि अक्टूबर 2017 से मार्च 2019 के बीच आहार पत्रिका के मुद्रण, प्रकाशन और वितरण के नाम पर सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया था.
इस संबंध में 6 सितंबर 2024 को अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. मामले की जांच एसीबी से कराने के लिए कैबिनेट सचिवालय एवं निगरानी विभाग के पास फाइल लंबित है. हाईकोर्ट ने इस पर जल्द निर्णय लेने की अपेक्षा जताई है.
उन्होंने कहा कि सरयू राय हमेशा दूसरों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते रहे हैं. ऐसे में उनके कार्यकाल से जुड़े मामले की जांच में देरी पर सवाल उठना स्वाभाविक है. हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद राज्य सरकार को लंबित फाइल पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए.
सिन्हा ने कहा कि यदि आरोप निराधार हैं, तो निष्पक्ष जांच से सरयू राय को अपनी बेगुनाही साबित करने का अवसर मिलेगा. वहीं, आरोप सही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने सवाल किया कि दूसरों के मामलों में जांच की मांग करने वाले सरयू राय अपने से जुड़े मामले की निष्पक्ष जांच का स्वागत करेंगे या नहीं?
कांग्रेस मीडिया प्रभारी ने राज्य सरकार से मांग की कि हाईकोर्ट की टिप्पणी के आलोक में लंबित फाइल पर जल्द निर्णय लिया जाए और आहार पत्रिका के कथित वित्तीय घोटाले की पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

