Ranchi News: बिहार कबाड़ घोटाले के अभियुक्त राज किशोर गुप्ता ने ही नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (NPU) की रद्दी कॉपियां खरीदी थी. NPU में कॉपियों की बिक्री के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायत की गयी है.
राज किशोर गुप्ता को बिहार में माध्यमिक परीक्षा 2016, इंटर परीक्षा 2014 और 2016 की कॉपियां उठाने का टेंडर मिला था. लेकिन उसने 2017 की कॉपियां भी गलत तरीके से उठा ली थी. इस सिलसिले में उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. पुलिस ने कबाड़ घोटाले के इस मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था.
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राजकिशोर ने ही NPU की रद्दी कॉपियां खरीदी हैं. इस खरीद में भी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सरकार से शिकायत की गयी है. इसमें खरीदी गयी कॉपियों का वजन कम दिखाये जाने का आरोप लगाया गया है. सरकार को भेजे गये शिकायती पत्र में कहा गया है कि विश्वविद्यालय द्वारा बेचे गये कबाड़ को पांच बड़े ट्रकों पर लाद कर ले जाया गया. कबाड़ की ढुलाई में ट्रक नंबर UP67T-5644, BR02M-6063, BR02GAA-9511,BR02GAA-2827 और BR02AA-5898 शामिल था. इन ट्रकों से ढोये गये कबाड़ की अनुमानित कीमत करीब 40 लाख रुपये आंकी गयी है. लेकिन कबाड़ खरीदने के बदले विश्वविद्यालय में सिर्फ 3.30 लाख रुपये का चेक या ड्राफ्ट जमा किया गया है.
डॉक्टर गौरव श्रीवास्तव इस कबाड़ बिक्री के लिए बनी समिति के सदस्य थे. उल्लेखनीय है कि डॉक्टर गौरव पर विश्वविद्यालय में गड़बड़ी के दूसरे गंभीर आरोप भी हैं. राज्यपाल के आदेश के आलोक में कराये गये स्पेशल ऑडिट रिपोर्ट में इन गड़बड़ियों का उल्लेख किया गया है.
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