Ranchi News : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रांची स्थित निर्वाचन आयोग कार्यालय का घेराव किया. इस दौरान कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाए.
उन्होंने कहा कि ईवीएम और वीवीपैट को लेकर भी लोगों के मन में संदेह है. अंबा ने कहा कि SIR के बाद बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटने की बात सामने आ रही है, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होत रहे हैं.
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अंबा प्रसाद ने कहा कि लाखों वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए जाते हैं और बाद में चुनाव आयोग द्वारा उनसे दोबारा आवेदन के लिए कहना, इस पूरी प्रक्रिया के उद्देश्य पर सवाल खड़े करता है.
उन्होंने बिहार, पश्चिम बंगाल और असम में दोबारा चुनाव कराने की मांग का भी सवाल उठाया. अंबा प्रसाद ने कहा कि अगर SIR के दौरान बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम काटे गए और बाद में उन्हें वास्तविक मतदाता माना गया, तो विपक्षी दलों के लिए यह चिंता का विषय है. ऐसे में चुनाव लड़ने वाले दल चुनाव प्रक्रिया पर किस भरोसे के साथ आगे बढ़ेंगे.
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चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए अंबा प्रसाद ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी.एन. शेषन का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि शेषन के कार्यकाल में चुनाव आयोग की मर्यादा और गरिमा को मजबूत किया गया और आचार संहिता का सख्ती से पालन कराया गया. उन्होंने EPIC यानी वोटर आईडी कार्ड की शुरुआत का भी उल्लेख किया.
अंबा प्रसाद ने SIR प्रक्रिया और दस्तावेजों के नाम पर लोगों को परेशान करने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया में ऐसे मतदाताओं को चिह्नित किया जा रहा है, जो भाजपा के समर्थक नहीं हैं और उनके नाम हटाने का प्रयास किया जा रहा है.
अंबा ने कहा कि जब वास्तविक मतदाताओं के नाम हटने को लेकर सवाल उठ रहे हैं और बाद में उन्हें फिर से आवेदन करने के लिए कहा जा रहा है, तो SIR की प्रक्रिया और उसके उद्देश्य को लेकर स्पष्टीकरण जरूरी है.
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