Ranchi: राज्य के वैसे SP और Dy.SP की परेशानियां बढ़ेंगी, जिनके कार्यकाल में वेतन की फर्जी निकासी हुई है. इसकी वजह वित्त विभाग द्वारा जारी वह आदेश है, जिसमें वेतन निकासी के दौरान होने वाली सारी गलती के लिए DDO को जिम्मेवार करार दिया गया है. हालांकि अब तक किसी DDO के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है.
राज्य के तत्कालीन वित्त सचिव अमित खरे के हस्ताक्षर से जारी आदेश में वेतन निकासी के दौरान गलत Account Number Bank IFS Code की वजह से होने वाले गलत भुगतान के लिए पूरी तरह DDO को जिम्मेवार करार दिया गया है. राज्य के जिन दो जिलों में अब तक वेतन मद से फर्जी तरीके से निकासी का मामला प्रकाश में आया है, उसमें गलत Account Number का इस्तेमाल किया गया है.

DDO की जिम्मेदारी से संबंधित वित्त विभाग का आदेश
बोकारो में हुई फर्जी निकासी की जांच के दौरान भी अकाउंटेंट द्वारा गलत Account Number का इस्तेमाल करने की पुष्टि हुई है. अकाउंटेंट ने वेतन मद से फर्जी निकासी के लिए अपने ही बैंक खाते का इस्तेमाल किया है. बोकारो जिले में अब तक की जांच के दौरान 4.29 करोड़ रुपये की फर्जी निकासी की पुष्टि हो चुकी है.
हजारीबाग में जारी जांच के दौरान अब तक 27.33 करोड़ रुपये की फर्जी निकासी की पुष्टि हुई है. इन दोनों ही मामलों में अब तक सिर्फ लेखापाल और बिल क्लर्क के खिलाफ ही कार्रवाई हुई है. किसी भी मामले में वित्त विभाग के आदेश के आलोक में DDO के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई है. सिर्फ अकाउंटेंट, बिल क्लर्क या वैसे सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, जिन्होंने बिल क्लर्क की भूमिका निभाई है.
उल्लेखनीय है कि बैंक अकाउंट नंबर आदि में हेराफेरी कर वेतन मद से गलत निकासी के मामले में DDO को पूरी तरह जिम्मेवार करार दिये जाने से संबंधित आदेश 27-3-2017 को जारी किया गया था. तत्कालीन वित्त सचिव अमित खरे के हस्ताक्षर से यह आदेश e-payment system लागू करते वक्त जारी किया गया था. इसमें भुगतान पाने वाले का बैंक खाता नंबर आदि की जांच के बाद DDO द्वारा प्रमाण पत्र देने का प्रावधान भी किया गया था.
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