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BREAKING NEWS: राज्यपाल सचिवालय ने VC दिनेश सिंह की बर्खास्तगी का प्रस्ताव सरकार को भेजा

Ranchi News: राज्य में लागू नये विश्वविद्यालय अधिनियम के प्रावधानों के तहत अब कुलपति को राज्यपाल सिर्फ अपने ही स्तर से बर्खास्त नहीं कर सकते हैं. नये अधिनियम में कुलपित की बर्खास्तगी पर राज्य सरकार की सहमति जरूरी है. सरकार की सहमति के बाद कुलपति की बर्खास्तगी से संबंधित आदेश राज्यपाल सचिवालय द्वारा जारी किया जायेगा.
 
दिनेश सिंह

Ranchi News: राज्यपाल सचिवालय ने नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के VC दिनेश सिंह की बर्खास्तगी का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास भेज दिया है. सरकार की सहमति के बाद राज्यपाल सचिवालय द्वारा बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया जायेगा. इस बीच कुलपति रांची में बैठकर राजनीतिक सरंक्षण की तलाश कर रहे हैं.


राज्य में लागू नये विश्वविद्यालय अधिनियम के प्रावधानों के तहत अब कुलपति को राज्यपाल सिर्फ अपने ही स्तर से बर्खास्त नहीं कर सकते हैं. नये अधिनियम में कुलपित की बर्खास्तगी पर राज्य सरकार की सहमति जरूरी है. सरकार की सहमति के बाद कुलपति की बर्खास्तगी से संबंधित आदेश राज्यपाल सचिवालय द्वारा जारी किया जायेगा.

 

राज्यपाल की ओर से सरकार को भेजे गये प्रस्ताव में कुलपति दिनेश सिंह द्वारा बरती गयी वित्तीय अनियमितता, गबन और सरकार नियमों का उल्लंघन कर पीएल खाते में जमा राशि को अपनी मर्जी से खर्च करने का उल्लेख किया गया है. इसके अलावा अपनी इच्छा के अनुसार, मनपसंद लोगों को विभिन्न पदों पर राज्यपाल की सहमति के बिना ही नियुक्त करने का उल्लेख किया गया है.

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राज्यपाल सचिवालय की ओर से भेजे गये पत्र में स्पेशल ऑडिट में पायी गयी गड़बड़ी के मद्देनजर कुलपति का वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार जब्त करने का उल्लेख किया गया है. साथ ही उनकी कारगुजारियों के मद्देनजर उन्हें पद से बर्खास्त करने की आवश्यकता बतायी गयी है. साथ ही यह भी कहा गया है कि उनके पद पर रहने की स्थिति में विश्वविद्यालय और सरकार की छवि धुमिल होगी.


उल्लेखनीय है कि कुलपति ने कल राज्यपाल सचिवालय में अधिकारियों से मुलाकात कर और तीन-चार महीने पद बने रहने का अनुरोध किया था. लेकिन राज्यपाल सचिवालय से इस्तीफा देने का सलाह दिया गया था. साथ ही इस्तीफा नहीं देने की स्थिति में बर्खास्त करने और वित्तीय अनियमितताओं और गबन के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराये जाने की चेतावनी दी गयी थी. राज्यपाल सचिवालय ने उनकी वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियों को जब्त करने के बाद भी इस्तीफा देने का निर्देश दिया था.


लेकिन उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया. काफी कोशिशों के बावजूद 15 सितंबर लोकभवन में अधिकारियों से मिलने का समय लिया. इस्तीफे की सजा माफ कराने की कोशिश की. हालांकि कामयाबी नहीं मिली. राज्यपाल सचिवालय से लौटने के बाद वह रांची में ही स्टेट गेस्ट हाउस में ठहर गये. इसके बाद से वह अपने लिए राजनीतिक तलाश में जुटे हुए है.

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