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Jharkhand News : गुमला ट्रेजरी से अवैध निकासी से डीसी का इनकार, सरकार को भेजी रिपोर्ट

Ranchi : गुमला के उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने ट्रेजरी से वेतन मद में फर्जी निकासी से इनकार किया है. उन्होंने इससे संबंधित रिपोर्ट सरकार को भेज दी है. हालांकि तबादले की वजह से धनेश्वर यादव नामक टीचर को एक महीने का वेतन सिमडेगा और गुमला दोनों जिलों से करने और मामले के पकड़ में आने के बाद उसे वापस जमा करा दिये जने की सूचना भी सरकार को दी है.

 

सरकार को भेजी गयी रिपोर्ट में कहा गया है कि महालेखाकार (ऑडिट) ने प्रारंभिक जांच के दौरान गुमला ट्रेजरी से वेतन मद में फर्जी निकासी की आशंका जतायी थी. साथ ही सरकार से जांच का अनुरोध किया था. महालेखाकार की रिपोर्ट के आधार पर वित्त विभाग ने गुमला डीसी को मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था. इस निर्देश के आलोक में गुमला उपायुक्त ने मामले की जांच कराने के बाद अपनी रिपोर्ट भेज दी है.

 

रिपोर्ट में कहा गया कि महालेखाकार ने प्रारंभिक जांच में वर्णित तथ्यों के आलोक में गुमला SP और जिला शिक्षा अधीक्षक को जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था. गुमला SP ने मामले की जांच के बाद यह सूचित किया है कि जिले में पुलिसकर्मियों के वेतन मद में अवैध निकासी नहीं हुई है. उन्होने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि DDO Code, GML /POL/004 के सहारे फरवरी 2018 से अगस्त 2022 तक किसी भी प्रकार की राशि बैंक अकाउंट नंबर  30098997664 में हस्तांतरित नहीं की गयी है.

 

जिला शिक्षा अधीक्षक द्वारा वेतन मद में की गयी निकासी की जांच के बाद यह सूचित किया गया है कि धनेश्वर यादव नामक शिक्षक के मामले में महालेखाकार ने दो अलग-अलग DDO द्वारा वेतन देने का उल्लेख किया है. इसके अलावा एक ही बैंक खाते में दो Payee ID से वेतन मद में निकासी की सूचना दी है. 

 

इन सूचनाओं की जांच में पाया गया कि धनेश्वर यादव नामक शिक्षक का तबादला अगस्त 2025 में सिमडेगा से गुमला जिले में किया गया था. धनेश्वर यादव की मृत्यु (15 अप्रैल 2026) हो गयी है.  सिमडेगा जिले से उनका अंतिम वेतन प्रमाण पत्र 25 सितंबर 2025 को हस्ताक्षरित होकर गुमला पहुंचा.

 

दुर्गा पूजा की वजह से सरकार ने सितंबर महीने का वेतन पहले देने का निर्देश दिया था. इस निर्देश के आलोक में गलती से सिमडेगा के DDO ने सितंबर 2025 का वेतन भुगतान कर दिया. साथ ही गुमला जिले से भी सितंबर 2025 के वेतन का भुगतान हो गया. इस तरह एक महीन में गलती से दो अलग-अलग DDO कोड से धनेश्वर यादव को वेतन भुगतान हो गया.

 

मामले के प्रकाश में आने के बाद धनेश्वर यादव की पत्नी ने चालान नंबर GRN No- 260256918 से दोबारो मिले वेतन (79,040 रुपये) वापस जमा कर दिया. एक ही खाते में दो Payee ID का वेतन जमा होने के मामले की जांच में पाया गया कि यह मामला पति-पत्नी का है. दोनों ही टीचर हैं. दोनों का ज्वाइंट अकाउंट है. इसलिए एक ही खाते में दो Payee ID से वेतन का भुगतान हुआ. 

 

 

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