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LAGATAR IMPACT : उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चंपापुर में डीएसई का औचक निरीक्षण, भारी अनियमितताएं उजागर

उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चंपापुर में एमडीएम घोटाले की खबर लगातार न्यूज में प्रकाशित होने के बाद जिले के डीएसई विकेश कुणाल प्रजापति ने गुरुवार को विद्यालय का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कई गंभीर खामियां उजागर हुईं, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं.
 
  • जमाताड़ा के चंपापुर स्कूल में MDM घोटाला

Jamtara :  उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चंपापुर में एमडीएम घोटाले की खबर लगातार न्यूज में प्रकाशित होने के बाद जिले के डीएसई विकेश कुणाल प्रजापति ने गुरुवार को विद्यालय का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कई गंभीर खामियां उजागर हुईं, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं.

 

निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि विद्यालय भवन पर कहीं भी स्कूल का नाम अंकित नहीं है और न ही कक्षाओं पर वर्ग का उल्लेख किया गया है. विद्यालय परिसर में बाउंड्री होने के बावजूद भी बकरियां घूमती हुई मिलीं, जो सुरक्षा और व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है.

 

मिड डे मील (एमडीएम) से संबंधित चावल भी अव्यवस्थित तरीके से एक कक्षा में रखा हुआ पाया गया. वहीं, विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति भी बेहद कम पाई गई, जिस पर डीएसई ने गहरी नाराजगी जताई.

 

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लगातार डॉट इन की खबर का असर

बता दें कि लगातार डॉट इन ने 12 अप्रैल को ''जामताड़ा में मिड डे मिल घोटाला, 935 की फर्जी हाजिरी, जांच के घेरे में हेडमास्टर '' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी. इसके बाद विभाग ने मामले में संज्ञान लिया और जांच के आदेश दिए.

 

इसके बाद मामले में कार्रवाई करते हुए स्कूल के हेडमास्टर श्रीचंद यादव का वेतन रोक दिया गया. साथ ही प्रखंड स्तर से भी शिक्षक को शोकॉज नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया. इस खबर को भी लगातार न्यूज ने प्रमुखता से प्रकाशित किया.

 

15 अप्रैल को ''जामताड़ा :  बच्चों की फर्जी हाजिरी लगाकर एमडीएम राशि निकासी मामले में कार्रवाई शुरू, शिक्षक का वेतन रोका'' शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी.

 

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जांच के बाद दोषियों पर विभागीय कार्रवाई होगी : डीएसई

डीएसई ने बताया कि विद्यालय के सभी अभिलेखों (पंजी) को जांच के लिए बीआरसी कार्यालय ले जाया गया है. साथ ही संबंधित शिक्षक को शो-कॉज नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है.

 

उन्होंने स्पष्ट कहा कि फिलहाल विद्यालय को व्यवस्थित करने का निर्देश दिया गया है. लेकिन जांच के बाद दोषियों पर विभागीय कार्रवाई निश्चित रूप से की जाएगी. प्रथम दृष्टया विद्यालय में घोर लापरवाही सामने आई है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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