Ranchi : धनबाद सांसद ढुल्लू महतो और फरार अपराधी प्रिंस खान के बीच कथित संबंधों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग को लेकर झारखंड डीजीपी तदाशा मिश्रा को पत्र लिखा गया है. यह पत्र धनबाद निवासी शुभम कुमार यादव ने लिखा है.
शुभम कुमार ने अपने पत्र में दावा किया है कि हाल के दिनों में मीडिया और पुलिस जांच में यह सामने आया है कि कुख्यात अपराधी प्रिंस खान पाकिस्तान में रह रहा है. आरोप है कि वह वहीं से रंगदारी का नेटवर्क संचालित कर रहा है और उसका संबंध आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से भी हो सकता है.
पत्र में यह भी कहा गया है कि प्रिंस खान द्वारा वसूली गई रंगदारी की रकम का एक हिस्सा कथित तौर पर आतंकी संगठन को भेजा जाता है. इस आधार पर मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए इसकी गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है.
शुभम कुमार ने अपने आवेदन में देश में हुए बड़े आतंकी हमलों जैसे संसद हमला, पठानकोट एयरबेस हमला, उरी हमला और पुलवामा हमला का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे संगठनों से किसी भी प्रकार का संबंध बेहद चिंताजनक है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि किसी जनप्रतिनिधि का नाम इस तरह के मामले में सामने आता है, तो निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच आवश्यक हो जाती है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.
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जयराम भी कर चुके हैं जांच की मांग
जांच में हर दिन सामने आ रहे नए तथ्य
पुलिस जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, धनबाद का कुख्यात अपराधी प्रिंस खान, जो पूरे राज्य में व्यवसायियों को धमकी देकर रंगदारी वसूलता रहा है, अब पाकिस्तान के बहावलपुर में रहकर सुजीत सिन्हा गिरोह की मदद से अपना नेटवर्क चला रहा है.
बताया जा रहा है कि उसके संपर्क में सांसद ढुल्लू महतो भी रहे हैं. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों के बीच कई बार बातचीत हुई है. फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन बातचीतों का उद्देश्य क्या था और क्या इसका संबंध किसी आपराधिक गतिविधि से है.
ढुल्लू महतो भाजपा के सांसद हैं और धनबाद के कोयला कारोबार से उनका गहरा जुड़ाव बताया जाता है. कोयला खनन और ट्रांसपोर्टिंग क्षेत्र में उनका प्रभाव भी काफी मजबूत माना जाता है. वहीं, प्रिंस खान का रंगदारी नेटवर्क भी मुख्य रूप से इसी सेक्टर से जुड़े कारोबारियों पर केंद्रित रहा है.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुबेर की गिरफ्तारी के बाद प्रिंस खान का एक मोबाइल नंबर पुलिस के हाथ लगा. इस नंबर की कॉल डिटेल और व्हाट्सएप चैट (करीब 500 पन्नों) के विश्लेषण में यह सामने आया कि इस नंबर से न तो किसी को धमकी दी गई और न ही रंगदारी मांगी गई. आशंका है कि इस नंबर का इस्तेमाल वह तथाकथित सफेदपोश लोगों से संपर्क के लिए करता था.
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस हर एंगल से पड़ताल कर रही है.
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