Ranchi : पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और आप्त सचिव संजीव लाल की जमानत याचिका पर अब कल सुनवाई होगी. प्रवर्तन निदेशालय के अधिवक्ता एसवी राजू के दूसरे कोर्ट में व्यस्त होने की वजह से आज मामले में सुनवाई नहीं हो सकी.
इससे पहले इन दोनों याचिकाओं पर 20 मार्च को सुनवाई शुरू होते ईडी द्वारा दाखिल किये गये शपथ पत्र पर जवाब देने के लिए समय की मांग की गयी थी. न्यायालय ने इसे स्वीकार करते हुए 24 मार्च की तिथि निर्धारित की थी.
आज निर्धारित तिथि पर सुनवाई के दौरान आलमगीर आलम की ओर से यह कहा गया कि वह 76 साल के हैं. प्राथमिकी में अभियुक्त नहीं थे. लेकिन डायरी में लिखे साहब शब्द को जांच एजेंसी से मंत्री मान लिया और गिरफ्तार कर लिया.
इतना कहते हुए ईडी की ओर से एसवी राजू के दूसरे कोर्ट में होने की हवाला देते हुए बाद में सुनने का अनुरोध किया गया, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया. न्यायालय का समय समाप्त होने से कुछ देर पहले इस मामले की सुनवाई शुरू हुई. लेकिन एसवी राजू के दूसरे कोर्ट में होने की वजह से न्यायालय ने इन दोनों जमानत याचिकाओं पर कल सुनवाई की तिथि निर्धारित की.
दो दिनों की पूछताछ के बाद ईडी ने आलमगीर आलम को किया था गिरफ्तार
उल्लेखनीय है कि ग्रामीण विकास विभाग के तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम के आप्त सचिव संजीव लाल के करीबी जहांगीर आलम के घर से 32.20 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे. भारी मात्रा में नकद बरामद होने के बाद ईडी ने मंत्री को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था.
दो दिनों की लंबी पूछताछ के बाद ईडी ने 15 मई 2024 की देर रात मंत्री को गिरफ्तार किया था. उसके बाद से वह लगातार जेल में हैं.
ईडी ने दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी जांच
ग्रामीण विकास विभाग के जूनियर इंजीनियर एसपी वर्मा को निगरानी द्वारा गिरफ्तार किये जाने के सिलसिले में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की थी. ईडी ने मामले में अपनी प्रारंभिक जांच पूरी करने के बाद ग्रामीण विकास विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता सहित अन्य लोगों के ठिकानों पर छापा मारा.
इसके बाद मुख्य अभियंता व अन्य से हुई पूछताछ के काफी दिनों बाद ईडी ने मंत्री के आप्त सचिव संजीव लाल, संजीव लाल के करीबी माने जाने वाले जहांगीर आलम सहित कुछ ठेकेदारों के यहां छापा मारा था.
छापेमारी के दौरान जहांगीर के घर से 32.20 करोड़ रुपये नकद, आप्त सचिव के घर से 10 लाख रुपये नकद जब्त किये गये थे. इसके अलावा आप्त सचिव के कंप्यूटर से विभाग द्वारा जारी किये गये टेंडर और उसमें तीन प्रतिशत की दर से कमीशन की गणना से संबंधित एक चार्ट जब्त किया गया था.
जहांगीर और संजीव लाल से पूछताछ के दौरान मिली सूचनाओं के आधार में ईडी ने मंत्री को पूछताछ के लिए बुलाया था.
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