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जिस अधिकारी पर कैदियों की सुरक्षा का जिम्मा, उसी पर शिकारी बनने का लगा है आरोप : HC

  • महिला कैदी यौन शोषण मामले में HC की टिप्पणी

Ranchi :   झारखंड हाईकोर्ट ने रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा  (होटवार जेल) में महिला कैदी के साथ यौन शोषण मामले को अत्यंत गंभीर मामला बताया है. कोर्ट के स्वतः संज्ञान पर शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि होटवार जेल की एक महिला कैदी के साथ जेल अधीक्षक द्वारा यौन शोषण किए जाने, उसके गर्भवती होने और भ्रूण गिराने की कोशिश किए जाने के आरोप सामने आए हैं. 

 

रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि मामले को दबाने का प्रयास किया गया. कोर्ट ने टिप्पणी की है कि अत्यंत गंभीर मामला है. क्योंकि जिस अधिकारी पर कैदियों की सुरक्षा और कल्याण की जिम्मेदारी है, उसी पर “शिकारी” बनने का आरोप लगा है.

 

न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय और न्यायमूर्ति पीके श्रीवास्तव की वेकेशन बेंच ने कहा कि राज्य सरकार को इस मामले में स्पष्ट और विस्तृत जवाब देना होगा कि आरोपों की सत्यता जांचने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं. इसी क्रम में अदालत ने राज्य की ओर से पेश अधिवक्ता को निर्देश दिया कि मामले पर विस्तृत जवाब दाखिल किया जाए. 

 

डीजीपी से दो सप्ताह में मांगी है रिपोर्ट

हाईकोर्ट ने डीजीपी से भी दो सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है. अगली सुनवाई 8 जून को होगी.  इससे पहले राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मामले की जांच को लेकर सरकार के गृह विभाग ने तीन सदस्य की कमेटी बनाई है. इस कमेटी में निदेशक प्रशासन मनोज कुमार, सहायक कारा निरीक्षक तुषार रंजन गुप्ता और कारा एवं सुधारात्मक सेवाएं  निरीक्षणालय के प्रोवेशन पदाधिकारी चंद्रमोली सिंह शामिल हैं.

 

वहीं डालसा, रांची की जांच टीम के आलोक में जुडिशल मजिस्ट्रेट, रांची श्रुति सोरेन की ओर से जुडिशियल इंक्वारी की जा रही है. 

 

बाबूलाल ने उठाया मुद्दा, झालसा की टीम ने की जांच 

दरअसल नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और मीडिया द्वारा मामला प्रकाश में लाए जाने के बाद झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) ने जांच टीम गठित की थी. टीम ने जेल जाकर जांच की और पीड़िता, जेल पीएलवी और जेल चिकित्सक के बयान दर्ज किए.

 

जांच रिपोर्ट झालसा को भेज दी गई थी. इसके अलावा, कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वेकेशन कोर्ट में अर्जेंट मेंशनिंग स्वीकार की है. वहीं, रांची जिला प्रशासन और जेल आईजी की ओर से भी अलग से जांच कराई जा रही है.

 

अब तक आपने पढ़ा...

 

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