- छापेमारी का केंद्र सोनु मिश्रा और प्रकाश जेरॉक्स.
Ranchi/Bokaro : आयकर विभाग ने मंगलवार की शाम को बोकारो में हुए डीएमएफटी फंड के घोटाले को लेकर छापेमारी शुरु की. छापेमारी का केंद्र सोनु मिश्रा व और प्रकाश जेरॉक्स के ठिकानो अलावा करीब दर्जन भर जगह शामिल है. छापेमारी को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं मिल सकी है.
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जानकारी के मुताबिक छापेमारी में बोकारो जिले में DMFT से जुड़ी योजनाओं में काम करने वाले व्यापारियों को शामिल किया गया है. आयकर विभाग ने DMFT घोटाले की जांच पिछले वर्ष गोला थाना में जिला के क्लर्क की गाड़ी से जब्त किये गये नकद 51 लाख रूपये की बरामदगी की घटना से शुरू की थी. प्रारंभिक जांच के दौरान मामले में बड़े अधिकारियों के संलिप्त होने की आशंका जतायी जा रही है.
पुलिस ने गाड़ियों की जांच के दौरान बोकारो जिला के क्लर्क की गाड़ी से 51 लाख रुपये नकद जब्त किया था. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच के लिए आयकर विभाग को पत्र लिखा था. पुलिस के अनुरोध पर आयकर विभाग ने मामले की जांच शुरू की है. इस क्रम में कई बार क्लर्क सहित अन्य को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया. लेकिन वे आयकर की नोटिस से बचते रहे.
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क्लर्क की गाड़ी से पैसा मिलने के बाद बोकारो के उपायुक्त ने एक आदेश जारी कर सरकारी कर्मचारियों को नकद राशि लेकर चलने की स्थिति अपर समाहर्ता से प्रमाण पत्र लेने का आदेश जारी किया. बाद में गलती का एहसास होने पर उपायुक्त ने इस आदेश को वापस कर लिया.
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इस बीच अधिकारियों द्वारा DMFT के पैसों का गलत इस्तेमाल करने से संबंधित मामला भी प्रकाश में आया. जिसमें अधिकारियों ने माइनिंग प्रभावित इलाकों के बदले सरकारी कार्यालयों के रंगरोगन और जिम बनाने पर खर्च किया. इस तरह के मामलों के प्रकाश में आने के बाद केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से DMFT के इस्तेमाल की जांच कर रिपोर्ट मांगी. मामले में केंद्रीय हस्तक्षेप के बाद आयकर विभाग ने भी अपनी गतिविधि तेज कर दी और इससे जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापा मारा.
जानकारी के मुताबिक बोकारो में बड़े पैमाने पर डीएमएफटी फंड का दुरुपयोग हुआ है. डीएमएफटी फंड में वर्ष 2024-25 और 2025-26 में करीब 631 करोड़ रुपये मिले थे. इसी राशि मं से किये गये कामों में गड़बड़ी व घोटाला करने की शिकायत है.





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