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Exclusive- वेतन घोटालाः ज्वाइनिंग के पहले से वेतन, पुलिस, डॉक्टर और कोर्ट मैनेजर तक ने लिया अधिक HRA

Ranchi: झारंख[ में सरकारी कर्मचारियों को योगदान करने के पहले से वेतन मिला. पुलिस के आलवा डॉक्टर से nskj कोर्ट मैनेजर तक ने निर्धारित सीमा से ज्यादा आवास किराया भत्ता (HRA) लिया. राज्य में हुए वेतन घोटाले की जांच के दौरान इस नये तथ्य का खुलासा हुआ है.
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AI द्वारा तैयार सांकेतिक तस्वीर.
  • - 94 कर्मचारियों को नौकरी में योगदान करने की तिथि के पहले से ही वेतन दिया गया.
  • - 599 Transactions के सहारे कर्मचारियों को 3.53 करोड़ रुपये दिया गया है.
  • - सरकारीकर्मियों आवास भत्ता (HRA) ज्यादा लेने का मामला भी पकड़ में आया.

Ranchiझारंखंड में सरकारी कर्मचारियों को योगदान करने के पहले से वेतन मिला. पुलिस के आलवा डॉक्टर से nskj कोर्ट मैनेजर तक ने निर्धारित सीमा से ज्यादा आवास किराया भत्ता (HRA) लिया. राज्य में हुए वेतन घोटाले की जांच के दौरान इस नये तथ्य का खुलासा हुआ है.

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जानकारी के मुताबिक राज्य में सरकारी या निजी किसी भी संस्थान में नौकरी करने वालों के योगदान करने के बाद से वेतन मिलता है. लेकिन झारखंड सरकार में 94 कर्मचारियों को नौकरी में योगदान करने की तिथि के पहले से ही वेतन दिया गया. इन 94 कर्मचारियों के Pay-Bill पर 69 निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (DDO) ने हस्ताक्षर किया है. 599 Transactions के सहारे इन कर्मचारियों को 3.53 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है.

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जांच में पता चला है कि 94 में से 14 कर्मचारियों को 1.38 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है. इन 14 कर्मचारियों के Pay-Bill  पर 14 DDO ने हस्ताक्षर किया. इसके बाद 240 Transactions के सहारे उन्हें भुगतान किया गया. इन 14 कर्मचारियों को भुगतान के लिए किया गया Transaction कुल Transactions का 40 प्रतिशत है. 

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नौकरी में योगदान करने से पहले इन 14 कर्मचारियों के Pay-Bill  पर DDO के रूप में हस्ताक्षर करने वालों में DEO कोडरमा, रांची सहित कुछ अन्य जिलों के DEO, हेड मास्टर, और सिविल सर्जन शामिल हैं. 

वेतन मद में फर्जी निकासी के मामले की जांच के दौरान सरकारी कर्मचारियों द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक आवास किराया भत्ता (HRA) लेने का मामला भी पकड़ में आया है. राज्य सरकार ने वर्ष 2024 में वाई श्रेणी के शहरों के लिए 20% और जेड श्रेणी के लिए  HRA  की सीमा 10% निर्धारित की है. लेकिन सरकारी कर्मचारियों ने इस निर्धारित सीमा से 75-133% तक अधिक HRA  लिया है. 

जांच के दौरान निर्धारित सीमा से अधिक HRA लेने के 2301 मामले पकड़ में आये हैं. निर्धारित सीमा से अधिक HRA  लेने वालों में पुलिस अधिकारी, सिपाही, डॉक्टर और कोर्ट मैनेजर सहित अन्य शामिल है.

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नौकरी में योगदान के पहले वेतन देने का उदाहरण

  • - कृष्णदेव रविदास ने 30 जुलाई 2024 को PHS मीरगंज में योगदान दिया. लेकिन वेतन अप्रैल 2024 से जून 2024 तक का भी मिला. रविदास को 2.28 लाख रुपये का भुगतान किया गया.
  • - कुमार सत्यम ने 26 सितंबर 2025 को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में योगदान दिया. उन्हें जून 2024 से सितंबर 2024 तक का वेतन 3.22 लाख रुपये मिला.
  • - सुशमा सोरेन ने 19 जून 2024 को हिरनपुर स्कूल में योगदान किया. उन्हें मार्च 2024 से अप्रैल 2025 का वेतन 1.44 लाख रुपये मिला
  • - कुमारी वर्षा ने 27 जुलाई 2024 को मुर्गू स्कूल में योगदान किया. उन्हें अगस्त 2023 से फरवरी 2024 तक 4.17 लाख रुपये वेतन मिला.
  • - रमण छाबड़ा ने 30 जुलाई 2024 को स्कूल मे योगदान किया. उन्हें अप्रैल 2024 से जनवरी 2024 तक का वेतन 2.13 लाख रुपये वेतन मिला.
  • - सुचित्रा कुमारी ने 25 जुलाई 2024 को योगदान किया. उन्हें मई 2023 से जनवरी 2024 तक का वेतन 3.44 लाख रुपये वेतन मिला.
  • - अशोक रविदास ने 31 जुलाई 2024 को स्कूल में योगदान किया. उन्हें मई 2023 से जनवरी 2024 तक का 1.97 लाख रुपये वेतन मिला.

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अधिक HRA लेने वालों का उदाहरण

  • - नागेश्वर रविदास (SI) ने 46,880 रुपये अधिक HRA लिया. उन्हें 20% की दर से एचआरए मिलना चाहिए था. लेकिन 100 % की दर से लिया. 
  • - मनीषा दत्ता (कोर्ट मैनेजर) ने 12,945 रुपये अधिक HRA लिया. उन्हें 20%  की दर से मिलना चाहिए, लेकिन 88.57% की दर से लिया.
  • - ज्योति कुमारी (डॉक्टर) ने 17,512 रुपये अधिक HRA लिया. उन्हें 10% की दर से मिलना चाहिए, लेकिन 90% की दर से लिया.
  • - कुंदन कुमार सिंह (SI) ने 43,200 रुपये अधिक HRA लिया. उन्हें 20% की दर से मिलना चाहिए. लेकिन 100.60% की दर से लिया.
  • - मनोज तिर्की (SI) ने 34,930 रुपये अधिक लिया. उन्हें 20% की दर से HRA मिलना चाहिए. लेकिन 100.11% की दर से लिया.
  • - जितेंद्र मेहता(सिपाही) ने 29,860 रुपये अधिक HRA लिया. उन्हें 20% की दर से मिलना चाहिए. लेकिन 105.09% की दर से लिया.
  • - नूतन कुमारी (असिस्टेंट रिजस्ट्रार) ने 14,593 रुपये अधिक HRA लिया. उन्हें 20% की दर से मिलना चाहिए. लेकिन 75% की दर से लिया.
  • - सुकलाल सरदार (हवलदार) ने 28,297 रुपये अधिक HRA लिया. उन्हें 10% की दर से मिला चाहिए. लेकिन 118.83% की दर से लिया.
  • - भवानी शंकार मांडी (ASI) ने 39,590 रुपये अधिक HRA लिया. उन्हें 10% की दर से मिलना चाहिए. लेकिन 133.33% की दर से लिया.

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