- - खान-खनिज को लेकर हुई कार्रवाईयों पर खूब हुई चर्चा.
- - 11 सितंबर को हुई थी स्टेट टास्क फोर्स की बैठक.
Ranchi News: खनिजों के अवैध कारोबार को रोकने के लिए बनी स्टेट टास्क फोर्स की बैठक की चर्चा प्रशासनिक हलकों में तेजी से हो रही है. चर्चा इसलिए नहीं हो रही है कि कोई बड़ा निर्णय लिया गया है, बल्कि चर्चा इस बात की हो रही है कि घंटों चली बैठक में बालू के अवैध कारोबार को रोकने पर किसी भी स्तर से एक शब्द भी नहीं कहा गया.
जबकि अखबारों, डिजिटल मीडिया से लेकर सोशल मीडिया पर अवैध बालू कारोबार से जुड़ी खबरें व सूचनाओं की भरमार है. एनजीटी की रोक के बाद भी जिला में चल रहे अवैध बालू खनन और परिवहन की जानकारी उपायुक्त, एसपी, डीटीओ, डीएमओ को नहीं होगी, यह कहना गलत होगा. भले ही इसी रोकने के लिए प्रशासनिक महकमा पूरी तरह मुस्तैद होने में रुची न रख रही हो यह अलग बात है.
अब तक आपने पढ़ा....
बैठक 11 सितंबर को हुई थी. बैठक में खनन विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस मुख्यालय, प्रदूषण नियंत्रण परिषद अधिकारी मौजूद थे. जबकि जिलों के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक में शामिल हुए थे. बैठक की अध्यक्षता खान सचिव अरवा राजकमल कर रहे थे.
जानकारी के मुताबिक, बैठक के तमाम एजेंडों के साथ एक एजेंडा एनजीटी न्यायालय के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करना था. लेकिन इस एजेंडे पर चर्चा के दौरान एनजीटी के उस आदेश पर कोई बात ही नहीं हुई, जिसमें एनजीटी ने अवैध बालू उत्खनन रोकने के अलावा बारिश के मौसम में उत्खनन पर रोक लगाने का आदेश दे रखा है. ताकि पयर्वारण को नुकसान न हो.
पता चला है कि बैठक में खान-खनिज के अवैध कारोबार के खिलाफ हुई कार्रवाइयों की समीक्षा की गई. आंकड़ों के जरिये बताया गया कि कितने वाहनों को पकड़ा गया, कितने पर जुर्माना लगा, कितने को जब्त किया गया. इस तरह कुल आठ एजेंडा पर बैठक में चर्चा की गई.
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