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आयकर की नजर में DMFT से बालाजी पेंटिंग पर 40 करोड़ का खर्च बड़े घोटाले का संकेत

आयकर विभाग द्वारा DMFT घोटाले में की जा रही छापेमारी के दौरान बाला पेंटिंग पर 40 करोड़ रुपये खर्च किये जाने से संबंधित दस्तावेज मिले हैं. बोकारो जैसे जिले में पेंटिंग पर किये गये इस खर्च को देखते हुए आयकर विभाग DMFT में किसी बड़े घोटाले की आशंका जता रहा है.
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  • त्रिनेत्रा इंटरप्राइजेज के बोकारो और हजारीबाग स्थित ठिकानों पर छापेमारी.
  • अश्विनी मिश्रा उर्फ सोनू मिश्रा से पूछताछ कर रही है आयकर की टीम.
  • प्रकाश जेरोक्स को DMFT से 10 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया.

Ranchi :  आयकर विभाग द्वारा DMFT घोटाले में की जा रही छापेमारी के दौरान बाला पेंटिंग पर 40 करोड़ रुपये खर्च किये जाने से संबंधित दस्तावेज मिले हैं. बोकारो जैसे जिले में पेंटिंग पर किये गये इस खर्च को देखते हुए आयकर विभाग DMFT में किसी बड़े घोटाले की आशंका जता रहा है.

 

आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा (रांची) ने DMFT से जुड़ी योजनाओं में काम करने वाले लोगों के रांची, हजारीबाग और बोकारो स्थित 15 ठिकानों पर 24 फरवरी को छापेमारी शुरू की. छापेमारी के दौरान त्रिनेत्रा इंटरप्राइजेज को 40 करोड़ रुपये के भुगतान से संबंधित दस्तावेज मिले हैं. कंपनी को इस रकम का भुगतान बोकारो जिले में बालाजी पेंटिंग के लिए किया गया है.

 

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पेंटिग पर इतनी बड़ी रकम खर्च करने को आयकर अधिकारियों द्वारा संदेह की नजर से देखा जा रहा है. साथ ही इसके पूरे राज्य में DMFT के फंड में होने वाले एक बड़े घोटाले के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. 

 

त्रिनेत्रा इंटरप्राइजेज के बोकारो और हजारीबाग स्थित ठिकानों पर छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेज के आधार पर आयकर अधिकारियों की टीम अश्विनी मिश्रा उर्फ सोनू मिश्रा से पूछताछ कर रही है. सूत्रों के अनुसार, सोनू मिश्रा यह बताने में असमर्थ है कि उसने कहां-कहां बालाजी पेंटिग की है.

 

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फिलहाल इस मामले में पूछताछ जारी है. बताया जाता है कि पिछले साल गोला में जिस गाड़ी से 51 लाख रुपये नकद जब्त किए गए थे, उसमें क्लर्क राजेश पांडेय के साथ अश्विनी मिश्रा भी था. लेकिन पुलिस के रिकार्ड में अश्विनी मिश्रा के साथ होने की कोई सूचना दर्ज नहीं है.

 

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आयकर विभाग के अधिकारियों को चास स्थित प्रकाश जेरोक्स के मालिक देव प्रकाश राय को DMFT से करीब 10 करोड़ रुपये का भुगतान करने से संबंधित दस्तावेज मिले हैं. फिलहाल इस मामले में जेरोक्स के मालिक से पूछताछ की जा रही है कि उसे किस काम के लिए 10 करोड़ रुपये मिले हैं. लेकिन वह अपनी इस आमदनी का सही-सही ब्योरा नहीं दे पा रहा है.

 

उल्लेखनीय है कि आयकर विभाग द्वारा कल दोपहर बाद शुरू की गयी छापेमारी दूसरे दिन भी जारी है.

 

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