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लाला ने अपनी शेल कंपनियों में भाई-भतीजा और कर्मचारियों को निदेशक बनाया

LAGATAR EXPOSE

Ranchi : अनुप माजी उर्फ लाला ने अवैध कोयले से मिली नकद राशि को बैंकिंग चैनलों में डालने के लिए शेल कंपनियां बनायी थी. इन शेल कंपनियों में अपने भाई, भतीजा और कर्मचारियों को निदेशक बनाया. लेकिन कंपनियों का नियंत्रण अपने पास रखा. लाला ने अपनी चार शेल कंपनियों के सहारे मेसर्स इस्पात दामोदर प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स सोनिक थर्मल नामक दो फैक्ट्री खरीदी. इसके लिए कोयले की अवैध कमाई में से 165.86 करोड़ का भुगतान किया. इन फैक्ट्रियों का कंट्रोल उसके पास है. लेकिन वह कागजी मालिक नहीं बन सका.

 

लाला की शेल कंपनियों के नाम

कंपनी का नाम  निदेशक
ब्राइट स्टार टाई-अप प्राइवेट लिमिटेड  गोविंदा मुर्मू, प्रभाशीश चक्रवर्ती
नॉकआउट सेल प्राइवेट लिमिटेड  अमिया कुमार नंदी, राहुल कुमार बर्णवाल
सन गोल्ड विनकाम प्राइवेट लिमिटेड  कंचन माजी
स्टारलाइट डेवकम प्राइवेट लिमिटेड  रॉबिन कालाई

 

ECL के लीज क्षेत्र में अवैध खनन और कोयले की बिक्री से मिली नकद राशि वैध करने की कोशिश की. इस दौरान उसे शेल कंपनी बनाने का सुझाव दिया गया. इसके बाद लाला ने चार शेल कंपनियां बनायी. इन कंपनियो के खाते में कोलकाता की शेल कंपनियों के सहारे अपनी कंपनियों में पैसे डाले. लाला ने द्वारा बनायी गयी चार शेल कंपनियों में मेसर्स ब्राइट स्टार टाइअप प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स नॉक आउट सेल्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स सन गोल्ड विनकाम प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स स्टार लाइट डेवकम प्राइवेट लिमिटेड का नाम शामिल है.

 

लाला ने अपनी शेल कंपनी ब्राइट स्टार टाई-अप प्राइवेट लिमिटेड में गोविंदा मुर्मू और प्रभाशीश चक्रवर्ती को निदेशक बनाया. निदेशक बना चक्रवर्ती सिक्यूरिटी गार्ड और मुर्मू लाला का कर्मचारी था. कंपनी के दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने के बदले इन दोनों निदेशकों के चार-पांच हजार रुपये मिलता था. लाला ने नॉकआउट सेल प्राइवेट लिमिटेड में अमिया कुमार नंदी और राहुल कुमार बर्णवाल को निदेशक बनाया. राहुल कुमार बर्णवाल लाला की एक कंपनी में काम करता था. उसे 12 हजार रुपये वेतन मिलता था. वह लाला की कंपनी में लोडिंग अनलोडिंग का काम करता था. उसने लाला के कहने पर दस्तावेज पर हस्ताक्षर किया. इससे उसे कंपनी का निदेशक बना दिया गया. निदेशक बनने के बदले उसे दो हजार रुपये महीना मिलता था. आमिया कुमार नंदी, लाला का भतीजा है. लाला उसके परिवार की देखरेख करता है. इसलिए उसने लाला के कहने पर दस्तावेज पर हस्ताक्षर किया था.

 

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लाला ने अपनी शेल कंपनी सन गोल्ड विनकाम प्राइवेट लिमिटेड में अपने भाई कंचन माजी को निदेशक बनाया था. निदेशक बनने के बदले लाला ने अपने भाई को 1.50 लाख रुपये का कर्ज दिया था. लाला ने अपनी शेल कंपनी स्टारलाइट डेवकम प्राइवेट लिमिटेड में रॉबिन कालाई को निदेश बनाया था. वह अनुप माजी के यहां काम करता था. उसे निदेशक बनाने के बाद लाला की ओर से हर महीने पांच हज़ार रुपये मिलते थे. जाँच के दौरान ईडी ने लाला की इन कंपनियों के निदेशकों से पूछताछ की थी. निदेशकों ने यह स्वीकार किया था कि वे जिन कंपनियों में निदेशक हैं उन कंपनियों की गतिविधियों के सिलसिले में कोई जानकारी नही है. उनका काम सिर्फ लाला के निर्देश पर इन कंपनियों के दस्तावेज पर हस्ताक्षर करना है. इन कंपनियों का नियंत्रण लाला के ही पास है.

 

लाला ने इन शेल कंपनियों में अपने रिश्तेदारों और कर्मचारियों के निदेशक बनाने के बाद इन्हीं चारों शेल कंपनियों के सहारे मेसर्स इस्पात दामोदर प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स सोनिक थर्मल नाम फैक्ट्री खरीदी. इसके लिए अपनी शेष कंपनियों के माध्यम से दोनों कंपनियों से विकास बंसल की कंपनियों में भुगतान किया. इस्पात और सोनिक थर्मल नामक फैक्ट्रियों को खरीदने और इसका शेयर अपनी कंपनियों के नाम ट्रांसफर करने के लिए उसने एक CA को रिटेनर रखा. इसके बाद लाला की शेल कंपनियों से बंसल की कंपनियों को पैसा ट्रांसफ़र किया गया. 

 

लाला की कंपनियों से विकास बंसल की कंपनियों में ट्रांसफर किया गये पैसों का ब्यौरा

लाला की कंपनी बंसल की कंपनी राशि
ब्राइट स्टार टाइअप  हल्दिया स्टील  6.79 करोड़
ब्राइट स्टार टाइअप हल्दिया मिनरल्स  2.45 करोड़
नाक आउट,ब्राइट, सन गोल्ड  एंग्लो-वर- टेक्सटाईल   24.60 करोड़
ब्राइट स्टार, सन गोल्ड  अल्ट्रा प्लस इनोवेशन   13.41 करोड़
 ब्राइट स्टार, स्टार लाइट आर्या टी इंडस्ट्रीज़   2.94 करोड़

 

लाला की शेल कंपनियों के माध्यम से इस्पाद दामोदर नामक फैक्ट्री के लिए 81.60 करोड़ रुपये और सोनिक थर्मल के लिए 84.26 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया. लेकिन बंसल द्वारा इस्पात दामोदर और सोनिक थर्मल के लिए बैंकों से लिए कर्ज की वजह से बैंकों ने पूरा शेयर ट्रांसफर करने की अनुमति नहीं दी. इससे लाला इन दोनों फैक्ट्रियों का कागजी तौर पर मालिक नहीं बन सका. हालांकि इन दोनों फैक्ट्रियों पर उसका नियंत्रण है. वही इन फैक्ट्रियों की देखरेख करता है और चलाता है. इस्पात दामोदर में स्पंज आयरन बनाया जाता है. सोनिक थर्मल में Ferro alloys और sillicon manganese का उत्पादन होता है.

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