- शिक्षा विभाग में सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के पद हुई थी नियुक्ति
Ranchi News : देवघर के सारठ निवासी सूरज कुमार ने करीब सात-आठ वर्षों के संघर्ष और लगातार मेहनत के बाद अपनी पहली सरकारी नौकरी हासिल की थी. उनकी नियुक्ति रांची के एमडीआई बिल्डिंग स्थित शिक्षा विभाग में सहायक प्रशाखा पदाधिकारी (Assistant Section Officer) के पद पर हुई थी. लेकिन सरकार के फैसले से उनकी नौकरी चली गई.
सूरज कुमार का कहना है कि वर्षों की मेहनत से हासिल उनकी नौकरी ‘राजनीतिक भेंट चढ़ गई है. बताया कि वह अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य हैं. उनकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है. सरकारी नौकरी हासिल करने से पहले भी उन्होंने कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की थी. उन्होंने जेपीएससी और रेलवे एनटीपीसी जैसी परीक्षाएं भी दीं और कई चरणों तक पहुंचे.
रेलवे में स्टेशन मास्टर के पद के लिए वह साइकोलॉजिकल टेस्ट में बाहर हो गए थे. वहीं, लेवल-5 की भर्ती में टाइपिंग टेस्ट में डिसक्वालीफाई हुए. लेवल-3 के पद पर वह मेरिट लिस्ट से महज डेढ़ अंक पीछे रह गए थे. लगातार प्रयासों और कई असफलताओं के बाद आखिरकार उन्हें सरकारी नौकरी मिली.
अब नियुक्ति पर संकट आने से सूरज कुमार बेहद निराश हैं. उनका कहना है कि जिस नौकरी के लिए उन्होंने वर्षों तक संघर्ष किया, उसे इस तरह खत्म नहीं होने दिया जा सकता. सूरज कुमार का कहना है कि वह अपनी नौकरी को किसी राजनीतिक साजिश का शिकार नहीं होने देंगे और अपना अधिकार लेकर रहेंगे. उन्हें सरकार के साथ-साथ न्यायालय पर भी भरोसा है और उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा.
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