Search

 
 
 

मेरी क्या गलती 7 :  नौकरी जाने से नीलम के सामने परिवार की जिम्मेदारियां संभालने का बोझ बढ़ा

Ranchi News :  झारखंड में नियुक्तियां रद्द किए जाने के बाद कई अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है. पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर की रहने वाली नीलम जमुदा भी इस फैसले से प्रभावित अभ्यर्थियों में शामिल हैं. नीलम रांची के एफओपी बिल्डिंग स्थित ग्रामीण विकास विभाग में कार्यरत थीं. लेकिन नियुक्ति रद्द होने के बाद उनकी नौकरी चली गई.
 
ग्रामीण विकास विभाग में कार्यरत थीं नीलम जमुदा
  • नीलम का सरकार के सवाल- क्या भीड़ के दबाव में रद्द होगी नियुक्ति

Ranchi News :  झारखंड में नियुक्तियां रद्द किए जाने के बाद कई अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है. पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर की रहने वाली नीलम जमुदा भी इस फैसले से प्रभावित अभ्यर्थियों में शामिल हैं. नीलम रांची के एफओपी बिल्डिंग स्थित ग्रामीण विकास विभाग में कार्यरत थीं. लेकिन नियुक्ति रद्द होने के बाद उनकी नौकरी चली गई.

 

नीलम ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या किसी भीड़ या ग्रुपिज्म के दबाव में नियुक्तियां रद्द की जानी चाहिए? उन्होंने कहा कि यदि कल यही भीड़ मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग करे, तो क्या मुख्यमंत्री भीड़ के दबाव में इस्तीफा दे देंगे? उनका कहना है कि हर अभ्यर्थी दोषी नहीं है और बड़ी संख्या में ऐसे उम्मीदवार हैं, जिन्होंने पूरी मेहनत और ईमानदारी से परीक्षा पास कर नौकरी हासिल की है.

 


नीलम ने बताया कि वह वर्ष 2019-20 से CGL परीक्षा की तैयारी कर रही थीं. इससे पहले उन्होंने बैंकिंग परीक्षाओं की भी तैयारी की थी. लंबे समय की मेहनत के बाद उन्हें सरकारी नौकरी मिली थी. उनका कहना है कि नियुक्ति पाने वाले सभी अभ्यर्थियों को एक ही नजर से देखना उचित नहीं है. यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए.


नीलम अपने परिवार की बड़ी बेटी हैं. उनके पिता सेवानिवृत्त हैं, जबकि परिवार में मां, दो भाई और एक दिव्यांग बुआ हैं. नीलम के अनुसार, वह अपने भाइयों की पढ़ाई समेत परिवार की कई जिम्मेदारियां संभाल रही थीं. नौकरी उनके परिवार के लिए आर्थिक सहारा बन चुकी थी. नियुक्ति रद्द होने के बाद परिवार की उम्मीदों को भी बड़ा झटका लगा है.

 

 

सरकार से जांच और नौकरी वापस देने की मांग

नीलम का कहना है कि उन्होंने सरकार को इसलिए वोट दिया था, ताकि सरकार युवाओं के हित में काम करे. उन्होंने मांग की कि बिना जांच के उनकी नियुक्ति रद्द नहीं की जानी चाहिए थी. सरकार को पहले मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए थी या कम से कम उन्हें कार्यकाल पूरा करने का अवसर देना चाहिए था.  नीलम ने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उनका पद वापस करने की मांग की है. उनका कहना है कि मेहनत से नौकरी हासिल करने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए.

 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही