मां रूपी सोरेन के निधन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करीब 13 दिनों तक अपने पैतृक गांव नेमरा में रहे। इस दौरान उन्होंने पारिवारिक परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार से लेकर श्राद्ध और संस्कार भोज तक की रस्में निभाईं। नेमरा प्रवास के दौरान कभी वे गांव की सड़क का जायजा लेते दिखे, तो कभी चाय-पकौड़ी की दुकान पर रुककर चाय का आनंद लेते नजर आए। वहीं, गांडेय विधायक कल्पना सोरेन की सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा में रही। पारिवारिक रस्में पूरी करने के बाद मुख्यमंत्री अब रांची लौट आए हैं। देखिए, नेमरा में बिताए 13 दिनों की खास झलकियां, LIVE LAGATAR पर।
झारखंड
गिरिडीह उपचुनाव को लेकर झारखंड की सियासत में हलचल तेज होने के संकेत हैं। चुनावी मैदान में किसे उतारा जाएगा और पार्टी की ओर से किस नाम पर मुहर लगेगी, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं। नितिन नबीन के अंतिम फैसले को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। आखिर गिरिडीह उपचुनाव में किसे मिलेगा मौका और किसके नाम पर लगेगी अंतिम मुहर? देखिए, इस खास राजनीतिक चर्चा में, LIVE LAGATAR पर।
आदिवासी धर्म है या एक समुदाय? सरना धर्म कोड की मांग को लेकर झारखंड में एक बार फिर बहस तेज हो गई है। आदिवासी पहचान, धार्मिक मान्यता और सरना धर्म कोड के सवाल पर अलग-अलग विचार सामने आ रहे हैं। आखिर आदिवासी समाज की पहचान का आधार क्या है? सरना धर्म कोड की मांग क्यों उठती रही है और इस मुद्दे पर विवाद की वजह क्या है? देखिए, इस खास चर्चा में, LIVE LAGATAR पर।
दुमका विधायक वसंत सोरेन ने दशहरे के मौके पर सोशल मीडिया पर शुभकामना संदेश साझा किया। पिछले कई दिनों से उनकी सेहत और सिंगापुर में इलाज को लेकर चर्चाएं थीं। उनके पोस्ट के बाद झारखंड वापसी को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति और वापसी की तारीख की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दस दिनों तक मां दुर्गा की आराधना और भक्ति के बाद अब विदाई की बेला आ गई है। मां की प्रतिमा के विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। ढोल-नगाड़ों, जयकारों और भावुक माहौल के बीच भक्तों ने मां दुर्गा को विदाई दी और अगले साल फिर आने की प्रार्थना की। देखिए मां की विदाई की भावुक तस्वीरें, LIVE LAGATAR पर।
बुंडू के पीपीके कॉलेज में 41 साल से संचालित एनसीसी यूनिट बंद होने का मामला राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार तक पहुंच गया है। JLKM के उपाध्यक्ष और छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने ज्ञापन सौंपकर यूनिट की बहाली की मांग की। उन्होंने विश्वविद्यालय की लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे ग्रामीण छात्रों के अवसर प्रभावित होंगे। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है।
रांची के जैप-1 परिसर में बुधवार को पुलिस संस्मरण दिवस परेड आयोजित की गई। इस दौरान 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए देशभर के 154 पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। इनमें झारखंड के दुमका के हेमंत भगत और पलामू के सुनील राम तथा संतन कुमार मेहता शामिल हैं।
झारखंड की राजनीति में सरना धर्म कोड और भगवा झंडे को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। हरेलाल महतो के बाद अब चंद्रप्रकाश चौधरी का नाम भी इस मुद्दे को लेकर सामने आया है। भगवा झंडे के साथ सरना धर्म कोड की मांग को लेकर क्या संदेश दिया जा रहा है और इसके पीछे की राजनीतिक रणनीति क्या है? देखिए LIVE LAGATAR की इस खास रिपोर्ट में।
सुदिव्य कुमार सोनू की मौत के बाद गिरिडीह पर सबकी नजर बनी हुई है, भाजपा की रणनीति दो बार के सियासी शिकस्त के बाद जीत का परचम लहराने की है, निर्भय शाहबादी के रुप में उसके बाद एक बेहद मजबूत चेहरा है, तो झामुमो के तरकश में सुदिव्य कुमार सोनू की पत्नी के रुप में तरकश का तीर है, उधर टाईगर जयराम महतो की रणनीति भी इन दोनों सियासी पार्टियों के वोट बैंक में सेंधमारी करते हुए अपने अस्तित्व का एहसास करवाना है, लेकिन सबसे बड़ी परीक्षा आजसू प्रमुख सुदेश महतो की है, जिस तरीके से इचागढ़ में भाजपा ने आजसू को जख्म दिया है, सुदेश महतो के पास एक अवसर है कि वह इस जख्म का सियासी जवाब दें, लेकिन उसके भी बड़ा सवाल यह है कि क्या सुदेश महतो यह जोखिम लेने की स्थिति में है. क्या वह दोस्ती से दुश्मनी की ओर इतना आगे बढ़ सकते हैं.
झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पुलिसकर्मियों की लंबित मांगों और कल्याणकारी सुविधाओं को लेकर हस्तक्षेप करने की अपील की है। प्रदेश संयुक्त सचिव-सह-कोषाध्यक्ष राकेश कुमार पांडेय ने आरोप लगाया कि डीजीपी की स्वीकृति के बावजूद कुछ फाइलें निचले स्तर पर रोकी जा रही हैं। एसोसिएशन ने भत्ते, पदोन्नति, पदस्थापन और अन्य लंबित मांगों के समाधान के लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाने की मांग की है।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 19 अक्टूबर को रामगढ़ जिले के रजरप्पा में अपनी दिवंगत मां रूपी सोरेन की अस्थियों का विसर्जन किया। दामोदर और भैरवी नदियों के संगम पर संथाली परंपरा के अनुसार अनुष्ठान संपन्न हुआ। इसके बाद मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के बीच वस्त्र वितरित किए। रूपी सोरेन का निधन 7 अक्टूबर को रांची के एक अस्पताल में इलाज के दौरान हुआ था।
गिरिडीह विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी और जेएमएम के बीच मुकाबले की चर्चा के साथ आजसू प्रमुख सुदेश महतो और जेएलकेएम नेता जयराम महतो की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पिछले चुनाव के नतीजे, क्षेत्रीय दलों का प्रभाव, स्थानीय मुद्दे और संगठन की ताकत इस उपचुनाव को खास बनाते हैं। क्या आजसू अपनी अलग पहचान मजबूत कर पाएगी? क्या जेएलकेएम गिरिडीह में अपना प्रभाव बढ़ा सकेगी? देखिए पूरा राजनीतिक विश्लेषण।
रांची के हरमू रोड स्थित मारवाड़ी भवन में दुर्गा पूजा के लिए भव्य पंडाल तैयार किया गया है, जो फिल्म कांतारा की थीम से प्रेरित है। इस पंडाल को बनाने में करीब तीन से चार महीने लगे हैं। सूखी लकड़ियों, नारियल और प्राकृतिक सामग्री से तैयार इसकी हस्तनिर्मित सजावट लोगों का ध्यान खींच रही है। पंडाल देखने के लिए परिवारों के साथ लोग पहुंच रहे हैं। यहां खाने-पीने के स्टॉल भी लगाए गए हैं। देखिए रिया किसपुटा की खास ग्राउंड रिपोर्ट, LIVE LAGATAR पर।
विधायक जयराम महतो ने बोकारो के विस्थापितों के हक और रोजगार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जिन लोगों ने उद्योगों के लिए अपनी जमीन दी, उन्हें रोजगार के लिए संघर्ष नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जमीन के बदले नौकरी देने के वादे पर प्रबंधन को जवाब देना होगा। जयराम महतो ने अप्रेंटिस पूरा कर चुके युवाओं को रोजगार देने, विस्थापित परिवारों का सर्वे कराने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए विधानसभा के माध्यम से केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने की बात कही।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दिवंगत माता रूपी सोरेन के दशकर्म को लेकर रामगढ़ के नेमरा में तैयारियां पूरी की जा रही हैं। आज दशकर्म और कल ब्रह्मभोज का आयोजन होगा। कार्यक्रम में राज्यभर से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। सुरक्षा व्यवस्था में 13 आईपीएस, 40 से अधिक डीएसपी स्तर के अधिकारी और 2 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। गोला डीवीसी चौक से नेमरा तक करीब 30 किलोमीटर के दायरे में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। बड़े वाहनों को निर्धारित स्थानों पर रोकने के साथ लोगों की आवाजाही के लिए 340 ऑटो और 16 एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है।