आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसे कोयला माफिया की, जिसका साम्राज्य पश्चिम बंगाल से झारखंड तक फैला हुआ है. नाम है – अनुप माजी, उर्फ लाला. यह कहानी अवैध कोयला खनन, तस्करी और करोड़ों के घोटाले की है. ईसीएल – ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड – के लीज क्षेत्र में, जहां कोयला खदानें हैं, वहाँ लाला के सिंडिकेट ने बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया. सीबीआई और ईडी की जांच रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2015 से ही यह सिंडिकेट सक्रिय था. उन्होंने काजोरा, कुनुस्तोरिया, श्रीपुर, सतग्राम, पंडावेश्वर, सालनपुर, सोदेपुर, मुगमा, एसपी माइंस एरिया और राजमहल जैसे इलाकों में अवैध खनन किया. इनमें से कई क्षेत्र झारखंड में भी आते हैं, जैसे मुगमा और राजमहल. सीएमपीडीआईएल के विशेषज्ञों ने नमूना जांच में पाया कि लाला के सिंडिकेट ने करीब 30.97 लाख मीट्रिक टन कोयला अवैध रूप से निकाला. इसका कुल मूल्य – 1340.27 करोड़ रुपये! कैसे हुआ यह सब? लाला के लोग ईसीएल के अधिकारियों, सिक्योरिटी और सीआईएसएफ की मिलीभगत से बड़ी-बड़ी मशीनें लगाकर खनन करते थे. ऐसा लगता था कि ईसीएल खुद वैध माइनिंग कर रही है .
झारखंड
झारखंड आज एक नया इतिहास रच रहा है. जी हाँ, राज्य गठन के 25 साल पूरे होने पर... पहली बार... विश्व आर्थिक मंच यानी WEF की वार्षिक बैठक में झारखंड मजबूती से शामिल हो रहा है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में हमारा प्रतिनिधिमंडल 19 से 23 जनवरी 2026 तक स्विट्जरलैंड के दावोस में मौजूद रहेगा. मजबूत इरादे स्पष्ट विजन और एक नई पहचान के साथ. इस वैश्विक मंच पर झारखंड खुद को दुनिया के सामने पेश करेगा–एक ऐसे राज्य के रूप में जो स्थिरता, हरित ऊर्जा के बदलाव, समावेशी विकास और जिम्मेदार औद्योगिक प्रगति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
गिरिडीह के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के श्रीरामपुर गांव में सोमवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां कर्ज के दबाव से परेशान एक माँ और उसकी नाबालिग बेटी ने फांसी लगाकर आत्मह,त्या कर ली. इस घटना से पूरे इलाके में शोक और सनसनी फैल गई है. मृ,तकों की पहचान 40 वर्षीय पुतुल देवी और उनकी 16 वर्षीय बेटी स्नेहा कुमारी के रूप में हुई है. बताया जाता है कि पुतुल देवी ने किसी महिला समूह से लगभग पांच लाख रुपये का लोन लिया था, जिसकी जानकारी उन्होंने अपने परिवार वालों को नहीं दी थी.लोन की किस्तों को लेकर लगातार फोन आने से वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहती थीं और अक्सर रोती रहती थीं. परिजनों द्वारा पूछे जाने पर भी वह अपनी परेशानी साझा नहीं करती थीं.
रांची पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है. 61 दिनों से लापता एक युवक कन्हैया को आज कोडरमा जिले से सकुशल बरामद कर लिया गया है. जानकारी के अनुसार, कन्हैया रांची का निवासी है और उसकी उम्र लगभग 12 वर्ष है. वह पिछले साल 12 दिसंबर 2025 से गायब था. परिवार और पुलिस की लगातार तलाश के बाद आखिरकार आज, 19 जनवरी 2026 को उसे सुरक्षित पाया गया. रांची पुलिस की टीम ने कोडरमा में कार्रवाई करते हुए कन्हैया को बरामद किया और उसे सकुशल वापस लाया है. फिलहाल उसकी सेहत ठीक बताई जा रही है. पुलिस जांच जारी है कि वह इतने दिनों तक कहाँ था और लापता होने के पीछे क्या वजह थी. यह खबर परिवार के लिए बड़ी राहत की है. वहीं बच्चा चोर गिरोह मामले को लेकर झारखंड पुलिस से आई एक बड़ी और राहत भरी खबर .
झारखंड हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रांची कार्यालय में किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को सीधे जिम्मेदार ठहराया है। न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की एकल पीठ ने ईडी की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह सख्त टिप्पणी की और राज्य पुलिस द्वारा ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज जांच पर तत्काल रोक लगा दी. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ईडी कार्यालय की सुरक्षा अब केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (BSF, CISF या CRPF) को सौंपी जाएगी. न्यायालय ने केंद्रीय गृह सचिव को निर्देश दिया कि वे आज ही ईडी कार्यालय में इन बलों की तैनाती सुनिश्चित करें. साथ ही SSP रांची को कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है, और किसी भी चूक या अप्रिय घटना के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह ठहराया जाएगा.
झारखंड में बच्चा चोर गैंग सक्रिय! आदित्य साहू का अल्टीमेटम: 7 दिन में कन्हैया नहीं मिला तो रांची बंद
झारखंड भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने राज्य में बढ़ते बच्चा अपहरण और लापता बच्चों के मामलों पर सख्त रुख अपनाया है.उन्होंने आज ग्राम सिलदीरी पहुंचकर 22 नवंबर 2025 से लापता 12 वर्षीय मासूम कन्हैया कुमार के परिजनों से मुलाकात की.55 दिनों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद बच्चे का कोई सुराग नहीं मिलना परिवार के लिए बेहद पीड़ादायक है।साहू ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और मानवीय संवेदना के तहत खाद्य सामग्री, कंबल सहित आवश्यक राहत सामग्री प्रदान की.उन्होंने कन्हैया के बड़े भाई के स्वास्थ्य इलाज के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं के माध्यम से ₹1 लाख की सहायता राशि देने की घोषणा की.
एक प्रेम विवाह… तीन मासूम बच्चे… और घरेलू हिंसा का ऐसा खौफनाक अंजाम, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है. गुजरात के सूरत से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पति की प्रताड़ना से तंग आकर एक महिला ने खुद को आग लगा ली. लेकिन इस पूरे मामले में सबसे भयावह बात यह रही कि जब पत्नी आग की लपटों में घिरी हुई थी, तब उसका पति उसे बचाने के बजाय मोबाइल से वीडियो बनाता रहा.
आखिर ऑनलाइन खरीदारी कितनी सुरक्षित है? और क्या बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म कानून से ऊपर हो सकते हैं? अक्सर लोग Walkie-Talkie को एक खिलौना, ट्रैकिंग डिवाइस या फिर एक छोटा communication gadget समझकर ऑनलाइन ऑर्डर कर देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ Walkie-Talkie ऐसे होते हैं, जिन्हें बिना सरकारी अनुमति इस्तेमाल करना कानूनी अपराध है? और यही गलती अब देश के कुछ नामी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को भारी पड़ गई है. आपको बता दें कि, Central Consumer Protection Authority यानी CCPA ने गलत तरीके से Walkie-Talkie बेचने के आरोप में आठ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई की है.
झारखंड बंद का रांची में दिख रहा असर, जबतक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं, आंदोलन जारी रहेगा- प्रदर्शनकारी
खूंटी के पहड़ा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में आज आदिवासी समुदायों ने झारखंड बंद का आह्वान किया है. बंद का असर राजधानी रांची में साफ तौर पर देखने को मिल रहा है. अल्बर्ट एक्का चौक, करमटोली चौक सहित शहर के कई प्रमुख इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है. केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष बबलु मुंडा के नेतृत्व में विभिन्न आदिवासी संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और हत्यारों को फांसी देने व पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यह हत्या आदिवासी समाज के खिलाफ एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है.
झारखंड सरकार आगामी अबुआ दिशोम बजट 2026-27 को और अधिक जन-केंद्रित बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है.इसे लेकर राजधानी रांची में दो दिवसीय बजट पूर्व गोष्ठी का आयोजन किया गया, जो हाल ही में सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गई.इस गोष्ठी में विशेषज्ञों, विभागीय अधिकारियों और मंत्रियों ने मिलकर अहम सुझाव दिए.मुख्य फोकस रहा—जनकल्याणकारी योजनाओं का बेहतर परिपालन , राजस्व संग्रह में सुधार, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और ग्रीन एनर्जी पर विशेष ध्यान. वित्त एवं वाणिज्य कर मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सभी विभागों को सख्त निर्देश दिए कि आपसी समन्वय से योजनाओं को जमीन पर उतारा जाए और बजटीय राशि का अधिकतम सदुपयोग सुनिश्चित हो.उन्होंने पोषाहार जैसी योजनाओं के लाभ को वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाने पर जोर दिया.साथ ही कहा कि टैक्स सिस्टम में सुधार जारी है और राजस्व बढ़ाने पर विशेष फोकस रहेगा.
जल जंगल और जमीन की लड़ाई अब रक्त से सीची जा रही है. इस टकराव में एक ओर जहाँ एक इंसान का खून बह गया वहीं इस घटना से आक्रोषित आदिवासी समुदाय द्वारा झारखण्ड बंद आहूत कर जन जीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है. जी हाँ, झारखंड में आज 17 जनवरी 2026 को राज्यव्यापी बंद देखने को मिल रहा है. बता दें.यह बंद खूंटी जिले के प्रसिद्ध आदिवासी नेता और पारंपरिक प्रमुख पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में बुलाया गया है. इस हत्या के विरोध में विभिन्न आदिवासी संगठनों ने इसे एकजुट होकर समर्थन दिया है, और यह बंद मुख्य रूप से न्याय की मांग को लेकर है.
झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में एक बड़े भ्रष्टाचार की कळई परत दर परत खुल रही है.जी हाँ, ईडी द्वारा उजागर किये गए मामले को लेकर हैरान करने वाकी सच्चाई सामने आई है। जिसमे विभागीय क्लर्क संतोष कुमार मुख्य आरोपी बनकर उभरा है।संतोष ने इसी धोखाधड़ी के लिए एक फर्जी कंपनी मेसर्स रॉक ड्रिल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड दिसंबर 2022 में खड़ी की थी। हैरानी की बात यह है कि इस कंपनी ने कभी किसी सरकारी टेंडर में हिस्सा नहीं लिया, न ही कोई वास्तविक काम किया—यह सिर्फ और सिर्फ फर्जी पेमेंट हासिल करने का माध्यम बनी।कंपनी के बैंक खाते और PAN नंबर के जरिए यह रकम ट्रांसफर की गई। शुरुआत में विभागीय जांच में सिर्फ 2.71 करोड़ की फर्जी निकासी का आरोप लगा था, लेकिन प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गहन जांच में कुल 22.86 करोड़ की हेराफेरी का खुलासा हुआ।
पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने कहा है कि बीते 15 वर्षों से बंद पड़ी राजहरा कोल माइंस में अब पुनः कोयला खनन का कार्य शुरू होने जा रहा है. इसके नव संचालन का शनिवार को उद्घाटन केंद्रीय कोयला राज्यमंत्री सतीश चंद्र दुबे करेंगे. सांसद ने यह जानकारी मेदिनीनगर स्थित अपने आवासीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी. सांसद विष्णु दयाल राम ने कहा कि राजहरा कोल माइंस के पुनः संचालन से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे. लंबे समय से माइंस बंद रहने के कारण युवाओं को रोजगार के लिए पलायन करना पड़ता था, लेकिन अब खनन शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन संभव होगा.
झारखंड हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय यानि ईडी द्वारा दायर निचली अदालत के मामल को रद्द करने की मांग की थी. इस फैसले के साथ ED की भूमि घोटाले से जुड़ी जांच अब आगे बढ़ सकेगी. बता दें, जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की एकल पीठ ने आज इस याचिका पर अपना आदेश सुनाया. कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि ED द्वारा जारी समन की अवहेलना का मामला वैध है और इसे निरस्त करने का कोई आधार नहीं बनता. मुख्यमंत्री सोरेन ने तर्क दिया था कि उन्होंने समन के जवाब लिखित रूप में दिए थे और जांच राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है, लेकिन कोर्ट ने इन दलीलों को पर्याप्त नहीं माना.
हम बात कर रहे हैं झारखंड के उस पुराने लेकिन बेहद गंभीर घोटाले की, जो 2007-08 में झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC की दूसरी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के दौरान हुआ था। यह मामला इतना पुराना है कि कई लोग इसे भूल चुके होंगे, लेकिन आज प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने इस पर नया मोड़ ला दिया है। ED ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम के तहत ECIR – यानी Enforcement Case Information Report – दर्ज कर ली है। और इस रिपोर्ट में CBI द्वारा पहले से चार्जशीट किए गए सभी 60 लोगों को नामजद कर दिया गया है।यह घोटाला क्या था? 2007-08 में जब JPSC ने सिविल सेवा परीक्षा ली, तो लिखित परीक्षा और इंटरव्यू में अंक बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए। अयोग्य उम्मीदवारों को जानबूझकर सफल घोषित किया गया।