जल जंगल और जमीन की लड़ाई अब रक्त से सीची जा रही है. इस टकराव में एक ओर जहाँ एक इंसान का खून बह गया वहीं इस घटना से आक्रोषित आदिवासी समुदाय द्वारा झारखण्ड बंद आहूत कर जन जीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है. जी हाँ, झारखंड में आज 17 जनवरी 2026 को राज्यव्यापी बंद देखने को मिल रहा है. बता दें.यह बंद खूंटी जिले के प्रसिद्ध आदिवासी नेता और पारंपरिक प्रमुख पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में बुलाया गया है. इस हत्या के विरोध में विभिन्न आदिवासी संगठनों ने इसे एकजुट होकर समर्थन दिया है, और यह बंद मुख्य रूप से न्याय की मांग को लेकर है.
झारखंड
झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में एक बड़े भ्रष्टाचार की कळई परत दर परत खुल रही है.जी हाँ, ईडी द्वारा उजागर किये गए मामले को लेकर हैरान करने वाकी सच्चाई सामने आई है। जिसमे विभागीय क्लर्क संतोष कुमार मुख्य आरोपी बनकर उभरा है।संतोष ने इसी धोखाधड़ी के लिए एक फर्जी कंपनी मेसर्स रॉक ड्रिल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड दिसंबर 2022 में खड़ी की थी। हैरानी की बात यह है कि इस कंपनी ने कभी किसी सरकारी टेंडर में हिस्सा नहीं लिया, न ही कोई वास्तविक काम किया—यह सिर्फ और सिर्फ फर्जी पेमेंट हासिल करने का माध्यम बनी।कंपनी के बैंक खाते और PAN नंबर के जरिए यह रकम ट्रांसफर की गई। शुरुआत में विभागीय जांच में सिर्फ 2.71 करोड़ की फर्जी निकासी का आरोप लगा था, लेकिन प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गहन जांच में कुल 22.86 करोड़ की हेराफेरी का खुलासा हुआ।
पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने कहा है कि बीते 15 वर्षों से बंद पड़ी राजहरा कोल माइंस में अब पुनः कोयला खनन का कार्य शुरू होने जा रहा है. इसके नव संचालन का शनिवार को उद्घाटन केंद्रीय कोयला राज्यमंत्री सतीश चंद्र दुबे करेंगे. सांसद ने यह जानकारी मेदिनीनगर स्थित अपने आवासीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी. सांसद विष्णु दयाल राम ने कहा कि राजहरा कोल माइंस के पुनः संचालन से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे. लंबे समय से माइंस बंद रहने के कारण युवाओं को रोजगार के लिए पलायन करना पड़ता था, लेकिन अब खनन शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन संभव होगा.
झारखंड हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय यानि ईडी द्वारा दायर निचली अदालत के मामल को रद्द करने की मांग की थी. इस फैसले के साथ ED की भूमि घोटाले से जुड़ी जांच अब आगे बढ़ सकेगी. बता दें, जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की एकल पीठ ने आज इस याचिका पर अपना आदेश सुनाया. कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि ED द्वारा जारी समन की अवहेलना का मामला वैध है और इसे निरस्त करने का कोई आधार नहीं बनता. मुख्यमंत्री सोरेन ने तर्क दिया था कि उन्होंने समन के जवाब लिखित रूप में दिए थे और जांच राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है, लेकिन कोर्ट ने इन दलीलों को पर्याप्त नहीं माना.
हम बात कर रहे हैं झारखंड के उस पुराने लेकिन बेहद गंभीर घोटाले की, जो 2007-08 में झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC की दूसरी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के दौरान हुआ था। यह मामला इतना पुराना है कि कई लोग इसे भूल चुके होंगे, लेकिन आज प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने इस पर नया मोड़ ला दिया है। ED ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम के तहत ECIR – यानी Enforcement Case Information Report – दर्ज कर ली है। और इस रिपोर्ट में CBI द्वारा पहले से चार्जशीट किए गए सभी 60 लोगों को नामजद कर दिया गया है।यह घोटाला क्या था? 2007-08 में जब JPSC ने सिविल सेवा परीक्षा ली, तो लिखित परीक्षा और इंटरव्यू में अंक बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए। अयोग्य उम्मीदवारों को जानबूझकर सफल घोषित किया गया।
बीजेपी के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक तीखी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य की पुलिस, एंटी करप्शन ब्यूरो और सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। बच्चों के लापता मामले से लेकर एसीबी की कार्यप्रणाली, वसूली गैंग के आरोप और जांच एजेंसियों की भूमिका तक — मरांडी के इन आरोपों ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आखिर क्या-क्या कहा बाबूलाल मरांडी ने? आइए देखते हैं पूरी रिपोर्ट…
हैरान करने वाली खबर रांची से सामने आई है। जहां पेयजल विभाग के क्लर्क संतोष कुमार ने ईडी अधिकारियों पर मारपीट का आरोप लगाया है। उन्होंने एयरपोर्ट थाने में कांड संख्या 05/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है। संतोष का कहना है कि 12 जनवरी 2026 को उन्हें पूछताछ के लिए हिनू स्थित ईडी कार्यालय बुलाया गया था। पूछताछ के दौरान जब उन्होंने आरोप कबूल करने से इनकार किया, तो सहायक निदेशक प्रतीक और अधिकारी शुभम ने उन पर गाली-गलौज की और डंडे से हमला कर दिया। इससे उनका सिर फट गया, खून बहने लगा और सिर में छह टांके लगे। आरोप है कि अधिकारियों ने कहा-'मर भी जाओ तो हमें फर्क नहीं पड़ता'। घायल होने के बाद उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां टांके लगे।
झारखंड की राजधानी रांची से बड़ी खबर... लंबे इंतजार के बाद अब झारखंड में निकाय चुनाव की घड़ी करीब आ गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम का प्रस्ताव तैयार कर लिया है... और सूत्रों के मुताबिक, 28 फरवरी तक पूरी चुनावी प्रक्रिया समाप्त कर दी जाएगी। जी हाँ...आपने सही सुना! राज्यपाल ने 18 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र के साथ-साथ निकाय चुनाव को भी हरी झंडी दे दी है। अब राज्य सरकार अपना प्रस्ताव राज्य निर्वाचन आयोग को भेजेगी... और फिर चुनाव की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी।
अचानक तेज बुखार सर दर्द उलटी और कमजोरी...ये लक्षण वैसे तो साधारण फ़्लू या ठंड के हो सकते है परन्तु इनकी अनदेखी आपको गंभीर स्वास्थ्य समस्या में डाल सकती... मालूम हो की हाल ही में कोलकाता में उस समय ह्ड़कंप मच गया ज़ब ऐसे कुछ लक्षण बंगाल की दो महिला नर्सो में अचानक उभर आये।बता दें, उनकी जाँच के बाद जो सच सामने आया वो डराने वाला है.जी हाँ, कुछ सालों पहले कोरोना ने अपना तांडव दिखाया था जिसे हम भूले नहीं है। खाली सडके और अस्पतालो में भीड़.. बीमार पड़ती जनता और अपनों को खो चुके लोग । इस कोरोना काल ने हमें बेहद करीब से दिखाया प्रकृति ज़ब चाहे हमपर अपने अंकुश डाल सकती है और हम प्रकृति से बढ़कर नहीं है। ठीक ऐसे ही एक बार फिर एक वायरस डरा रहा है। जी हाँ पुणे की niv नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ वायरलॉजी लैब में दोनों संदिग्ध नर्सो के ब्लड सैम्पल की पुष्टि हो चुकी है कि उन्हें निपाह वायरस का संक्रमण है। और इस सुचना के बाद स्वस्थ विभाग में ह्ड़कंप सा मच गया है। जी हाँ.... अधिकारीयों ने बताया कि बरसात के एक निजी अस्पताल में कार्यरत दो नर्सो की हालत गंभीर बनी हुई है.
अंश और अंशिका के अपहरण मामले में एक चौंकाने वाली और विचारणीय हकीकत सामने आई है। पिछले लगभग दो हफ्तों से जिस मासूम भाई-बहन के लिए पूरा पुलिस प्रशासन, मीडिया, राजनीतिक दल और आम जनता जमीन-आसमान एक कर रही थी, वे बच्चे आखिरकार रामगढ़ जिले के चितरपुर इलाके से सकुशल बरामद हो गए। लेकिन जिस घर से उनकी रिकवरी हुई, उस घर की मालकिन ने जो खुलासा किया, वह सबको हैरान कर रहा है।मकान मालकिन ने पुलिस को बताया कि अपहरणकर्ता दंपति एक पुरुष और महिला करीब 10-12 दिन पहले ही उनके यहां आए थे।
झारखंड के पेयजल घोटाले में नया ट्विस्ट आया है, जहां मुख्य आरोपी क्लर्क संतोष कुमार ने जांच एजेंसी ईडी के सामने अपना पुराना बयान पलट दिया है। मालूम हो कि संतोष कुमार पर आरोप है कि उसने फर्जी कंपनियां बनाकर पेयजल विभाग से 23 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की। बता दें, ईडी ने पुलिस की एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया और आरोप पत्र दाखिल किया। इधर जेल में ईडी की पूछताछ में संतोष ने बड़े अफसरों और इंजीनियरों के नाम लिए थे, जिसके आधार पर आगे जांच चली। और फिर अचानक 12 जनवरी को ईडी कार्यालय में बयान दर्ज कराने पहुंचे संतोष ने अचानक अपना पुराना बयान ठुकरा दिया। वह घोटाले से जुड़ी किसी भी जानकारी से इनकार करने लगा।
झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल RIMS की अधिग्रहित जमीन पर हुए अतिक्रमण और रजिस्ट्री घोटाले में सफेदपोशों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।झारखंड हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणियों के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। उन अफसरों की उलटी गिनती शुरू हो गई है, जिन्होंने अपनी कलम की ताकत से सरकारी जमीन को निजी हाथों में सौंप दिया।
साल 2025 अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है और देश नए साल 2026 के स्वागत की तैयारियों में जुट चुका है। लेकिन इस बार नए साल की दस्तक सिर्फ जश्न और नए संकल्पों तक सीमित नहीं है... बल्कि यह लाखों-करोड़ों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी आर्थिक राहत की उम्मीद लेकर आ रही है। जी हां, वजह है 1 जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग के लागू होने की मजबूत संभावना... जिसे लेकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों के साथ-साथ राज्यों के कर्मचारियों में भी जबरदस्त उत्साह है।
नए साल की खुशियों में खलल नहीं पड़े, इसको लेकर गिरिडीह पुलिस अलर्ट मोड पर है। जिला के एसपी डॉ बिमल कुमार नव वर्ष के आगमन से पहले शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर काफी मुस्तैद है। एसपी ने जिला भर में विशेष कर शहरी इलाके में पुलिस पदाधिकारियों को वाहन जांच करने एवं आसामाजिक तत्वों पर नजर रखने की हिदायत दी है। इसी कड़ी में मंगलवार की रात सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव के नेतृत्व में गिरिडीह-देवघर मुख्य मार्ग पर सघंन वाहन जांच अभियान चलाया गया।
आईएएस अधिकारी विनय चौबे और उनके परिवारिक सदस्यों के संबंध में हर दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं. ताजा जानकारी यह है कि मोहम्मद इरफान इकबाल नामक व्यक्ति के खाते से विनय चौबे के साले शिपिज त्रिवेदी के खाते में बड़े पैमाने पर संदिग्ध लेनदेन हुए हैं. एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने इस तथ्य के आधार पर मो. इरफान इकबाल को लेकर जांच तेज कर दी है.
