संसद के बजट सत्र 2026 की शुरुआत आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संयुक्त अभिभाषण के साथ हुई, लेकिन ग्रामीण रोजगार से जुड़े नए कानून 'विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' या VB-G RAM G Act, 2025 ने सदन में तीखी बहस और हंगामा खड़ा कर दिया. राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने अभिभाषण में इस अधिनियम का जिक्र करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के लिए VB-G RAM G कानून बनाया गया है, जिसके तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों का रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा. यह पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के 100 दिनों की गारंटी से 25 दिन अधिक है.
झारखंड
बंगाल के कोयला माफिया अनुप माजी उर्फ लाला का काला साम्राज्य अब पूरी तरह बेनकाब हो चुका है. Enforcement Directorate और CBI की जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे सिर्फ अवैध कोयला कारोबार की कहानी नहीं बयां करते, बल्कि राजनीतिक संरक्षण, पुलिस की मिलीभगत, हवाला के जरिए विदेशी ट्रांसफर और करोड़ों की काली कमाई का जाल उजागर करते हैं.ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के इलाके में लाला ने सालों से अवैध खनन और तस्करी का धंधा चला रखा था. इस धंधे से होने वाली कमाई का एक बड़ा हिस्सा राजनीतिक संरक्षण के बदले पहुंचाया जा रहा था. जांच में सामने आया कि लाला ने कुल 731 करोड़ रुपये राजनीतिक हलकों में प्रभावशाली विनय मिश्रा के भाई विकास मिश्रा को दिए.
पलामू जिले में नगर निकाय चुनाव 2026 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के अनुसार जिले के सभी पांच नगर निकाय — मेदिनीनगर नगर निगम, विश्रामपुर नगर परिषद, छतरपुर, हुसैनाबाद एवं हरिहरगंज नगर पंचायत — में 23 फरवरी को मतदान तथा 27 फरवरी को मतगणना कराई जाएगी. यह जानकारी उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी समीरा एस ने दी.
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन दावोस विश्व आर्थिक मंच और यूनाइटेड किंगडम (लंदन) के ऐतिहासिक दौरे से सफलतापूर्वक लौट आए हैं. आज 27 जनवरी 2026 को वे बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची पहुंचे, जहां उनका जोशीला और भव्य स्वागत हुआ.ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और आम जनता ने उन्हें फूल-मालाओं से लादकर सम्मानित किया. यह स्वागत सिर्फ एक नेता का नहीं, बल्कि युवा झारखंड की वैश्विक पहचान और उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद का प्रतीक था.
एक बड़ी दर्दनाक और दुःखद खबर महाराष्ट्र से आ रही.... जहा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार का निधन एक विमान हादसे में हो गया है. यह हादसा 28 जनवरी 2026 को सुबह बारामती (पुणे जिला) में हुआ, जब उनका निजी चार्टर्ड विमान लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया. बता दें, विमान मुंबई से बारामती की उड़ान भर रहा था. यह एक निजी चार्टेड विमान था, जो बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग की कोशिश कर रहा था. लैंडिंग के दौरान विमान रनवे से साइड में चला गया और क्रैश हो गया, जिसके बाद उसमें भीषण आग लग गई. इस हादसे के बाद DGCA (Directorate General of Civil Aviation) ने पुष्टि की है कि विमान में सवार सभी 5-6 लोग मारे गए—कोई भी जीवित नहीं बचा.
एक जमीन का टुकड़ा जिसके खड़े हो गए है कई दावेदार। एक जमीन की मालिकीयत जिसके लिए खींच गयी है तलवारें. वहीं जमीन जिसे वहां के निवासी अपनी रहगुजर समझते है उसी जमीन पर चढ़ाई कर दी है कुछ लोगो ने जो उसे अपना बता कर दावे कर रहे। कागज दोनों के पास है मालिकीयत दोनों जता रहे अब सवाल ये उठता है कि आखिर ये गांव ये जगह ये बसेरा किसका है क्या ये गांव उनका है जो यहाँ बरसो से रह रहे या ये गांव उनका है जो दावा कर रहे की उनके पूर्वजों ने ये जमीन कभी बेचीं ही नहीं...
रांची की सड़कों पर अब चुनावी सरगर्मी शुरू हो गई है! लंबे इंतजार के बाद झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने आखिरकार रांची सहित पूरे राज्य के नगर निकाय चुनावों की तारीखें घोषित कर दी हैं. राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बड़ा ऐलान किया, जिसके साथ ही राजधानी रांची में चुनावी महौल गर्माने लगा है. मुख्य तारीखें एक नजर में: मतदान का दिन: 23 फरवरी 2026 (सोमवार) , मतगणना: 27 फरवरी 2026, आचार संहिता: ऐलान के साथ ही तुरंत लागू हो गई है.
झारखंड में सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर जारी सख्त हिदायतों के बावजूद, पुलिस महकमे में रील बनाने का क्रेज थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा मामला पलामू जिले के हुसैनाबाद थाने से सामने आया है, जहां थाना परिसर में बना एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला थाना परिसर के भीतर 'ऐ जाते हुए लम्हों...' गाने पर रील बना रही है. चौंकाने वाली बात यह है कि इस वीडियो में थाने के दरोगा जी भी नजर आ रहे हैं, जो महिला के साथ बकायदा एक्शन' देते और अभिनय करते दिखाई दे रहे हैं. सरकारी दफ्तर और वर्दी की गरिमा को ताक पर रखकर बनाया गया यह वीडियो अब चर्चा का विषय बना हुआ है. हालांकि, वायरल हो रहे इस वीडियो की लगातार न्यूज कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं करता है.
धनबाद के झरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत अशोक नगर में एक बेहद शर्मनाक और अमानवीय घटना सामने आई है .यहाँ एक रसूखदार कपड़ा व्यापारी ने अपनी दबंगई दिखाते हुए एक महिला सफाईकर्मी के साथ न केवल मारपीट की बल्कि उसे सरेराह अपमानित भी किया. इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है.पीड़िता की पहचान मंजू देवी के रूप में हुई है जो झरिया के कोयरीबांध की रहने वाली हैं. मंजू देवी रोज की तरह सोमवार को (गणतंत्र दिवस के अवसर पर) क्षेत्र में सफाई कर अपना फर्ज निभा रही थीं. मंजू देवी के अनुसार जब वह दुकानदार के कहे अनुसार सफाई करने पहुंचीं तो आरोपी दुकानदार अचानक बिना किसी कारण के उग्र हो गया.
कर्तव्य पथ पर गरजा नया भारत: गणतंत्र दिवस पर भैरव बटालियन का पहली बार ऐतिहासिक प्रदर्शन/ livelagatar
77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर कर्तव्य पथ पर भारतीय सेना ने अपनी पूरी ताकत और अनुशासन का शानदार प्रदर्शन किया. हजारों सैनिकों का एकसमान कदमताल, गरजते लड़ाकू विमान, स्वदेशी हथियारों की झलक और विविधता से सजी झांकियां—सब कुछ नए भारत की मजबूती का प्रतीक बना.इस भव्य परेड में सबसे ज्यादा ध्यान खींचा भैरव बटालियन ने. पहली बार कर्तव्य पथ पर उतरी यह एलीट लाइट कमांडो यूनिट पूरी दुनिया के लिए एक स्पष्ट संदेश लेकर आई—भारत अब हर चुनौती के लिए पहले से कहीं ज्यादा तैयार, तेज और घातक है.जैसे ही भैरव बटालियन की टुकड़ी आगे बढ़ी, माहौल बदल गया. मेजर अंजुम के नेतृत्व में करीब 250 चुनिंदा जवान—चेहरों पर लाल और गहरे हरे रंग की कैमोफ्लाज पेंट की लकीरें, आंखों में अदम्य साहस और कंधों पर अत्याधुनिक हथियार. यह रंग सिर्फ दिखावा नहीं—यह जंगलों, पहाड़ों और अंधेरे में दुश्मन को चकमा देने, सरप्राइज अटैक करने की असली तैयारी का प्रतीक है. दुनिया ने देखा कि ये जवान सिर्फ मार्च नहीं कर रहे—ये युद्ध का स्पष्ट संदेश दे रहे हैं.
झारखंड के गोड्डा जिले में एक चौंकाने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक महिला पर गोलीबारी की गई थी और अब पुलिस ने इस मामले का बड़ा खुलासा किया है. बता दें, पथरगामा थाना क्षेत्र के गांधी ग्राम चौक पर 17 जनवरी की शाम को बाइक सवार हमलावरों ने वंदना साह नाम की महिला पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी. महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं थीं और उनका इलाज भागलपुर के अस्पताल में चल रहा है. वहीं अब बताया जा रहा कि इस हमले के पीछे का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि वंदना का पति संतोष कुमार साह खुद निकला है, जो बिहार की न्यायिक सेवा में न्यायिक मजिस्ट्रेट यानि जज के पद पर तैनात हैं.
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव करने की तैयारी में है. समाचार एजेंसी एएनआई के सूत्रों के मुताबिक, बोर्ड अपनी टॉप कैटेगरी A+ को खत्म करने पर विचार कर रहा है. यही वह श्रेणी है जिसमें अब तक रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा जैसे सुपरस्टार खिलाड़ियों को रखा गया था. अब चयन समिति ने चार ग्रेड की जगह केवल तीन कैटेगरी – A, B और C – रखने का प्रस्ताव दिया है.
झारखंड हाईकोर्ट ने लापता बच्ची से जुड़े मामले में सुनवाई के दौरान मौखिक टिप्पणी की कि राज्य में राजस्थान सहित अन्य राज्यों से आने वाले घुमंतू लोगों के लिए कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं है. कोर्ट ने कहा कि पुलिस इन लोगों के आधार कार्ड या पहचान की जांच नहीं करती और न ही राज्य सरकार ने इनके लिए कोई नियम बनाए हैं. ये लोग जगह-जगह टेंट बनाकर रहते हैं और कई बार आपराधिक गतिविधियों को भी अंजाम देते हैं. ऐसे लोगों पर नजर रखने के लिए पुलिस प्रशासन को गाइडलाइन बनाने की जरूरत है. साथ ही अदालत ने गृह सचिव को अगली सुनवाई यानी 27 जनवरी को ऑनलाइन उपस्थित होने को कहा है.
झारखंड की राजनीति में इन दिनों निकाय चुनाव और निवेश को लेकर सरगर्मी तेज है. इसी बीच आजसू (AJSU) सुप्रीमो सुदेश महतो ने हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने न सिर्फ सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए, बल्कि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंता जाहिर की है. सुदेश महतो ने कहा कि अक्सर छात्र राजनीति से मुख्य राजनीति में आने पर एक 'गैप' दिखता है. इसे भरने के लिए उनकी पार्टी अब कॉलेज स्तर से ही युवाओं को सक्रिय राजनीति की ट्रेनिंग देगी. इसके लिए जल्द ही एक राज्य अधिवेशन बुलाया जाएगा, जिसमें युवाओं को पार्टी की मुख्य इकाइयों की तरह जिम्मेदारी दी जाएगी.
एक बार फिर जनरल केटेगरी और रिजर्वड केटेगरी के बीच की खाई बढ़ती हुई दिख रही है. वो भी ऐसे वक़्त में ज़ब दुनिया में हम दावा कर रहे कि हम निष्पक्ष सरकार है हमारे लिए सब बराबर है. हम किसी को कम या ज्यादा नहीं मानते. लेकिन साहब जरा रुकिए. ये सिर्फ जुमलेबाजी से आपकी सियासत की रथ नहीं चलेगी सिर्फ बड़े बड़े भाषण से आप चुनाव जीतते जायेंगे ऐसा भी नहीं है फिर आखिर क्यों शिक्षा के मंदिर में एक वर्ग के साथ इतना भेदभाव की सरकार अब उसे कैम्पस से भी भगाने की तैयारी कर रही. जी हाँ क्या सवर्ण के बच्चे इस देशबके नहीं हैं. क्या सवर्ण होना अभिशाप है. कहीं किसी पन्ने पर तो ऐसा नहीं लिखा हुआ है लेकिन केंद्र की मोदी सरकार अब संविधान में क मोंबेस कुछ ऐसा ही लिखने जा रही है.