ढुल्लू महतो और जयराम महतो के बीच जुबानी जंग लगातार तीखी होती जा रही है। पहले ‘टाइगर नहीं, बिल्ली’ वाला बयान सामने आया, फिर ‘लालखंड’ को लेकर दोनों नेताओं के बीच वार-पलटवार हुआ और अब ‘गिरगिट’ वाले बयान ने सियासी तकरार को और गर्म कर दिया है। ढुल्लू महतो ने जयराम महतो पर अपनी बात और राजनीतिक रुख बदलने का आरोप लगाते हुए कहा कि गिरगिट भी इतनी जल्दी रंग नहीं बदलता। वहीं जयराम महतो भी लगातार पलटवार करते रहे हैं। अब सवाल यही है कि महतो बनाम महतो की यह जुबानी जंग आगे किस मोड़ पर पहुंचती है।
झारखंड
RBI ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 5.25 फीसदी से बढ़ाकर 5.50 फीसदी कर दिया है। करीब ढाई साल बाद हुई इस बढ़ोतरी का असर फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन की EMI पर पड़ सकता है। 20 साल की अवधि वाले लोन में ब्याज दर 8 फीसदी से बढ़कर 8.25 फीसदी होने पर 10 लाख रुपये के लोन की EMI करीब 156 रुपये, जबकि 50 लाख रुपये के लोन की EMI करीब 781 रुपये तक बढ़ सकती है। बड़े और लंबे अवधि के लोन में अतिरिक्त ब्याज का बोझ भी बढ़ सकता है। जानिए अलग-अलग होम लोन पर आपकी EMI कितनी बढ़ सकती है।
गिरिडीह उपचुनाव में JLKM की एंट्री? इन 3 नामों की चर्चा, बदल सकता है पूरा चुनावी गणित || livelagatar
गिरिडीह विधानसभा उपचुनाव की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन संभावित उम्मीदवारों को लेकर सियासी हलचल तेज है। जेएमएम की ओर से श्वेता सोनू के नाम की चर्चा है, जबकि बीजेपी में भी कई चेहरों पर मंथन चल रहा है। इसी बीच जयराम महतो की JLKM की संभावित एंट्री ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। सूत्रों के मुताबिक नागेंद्र चंद्रवंशी, मोती लाल और मनोज यादव के नाम संभावित उम्मीदवारों के तौर पर चर्चा में हैं, हालांकि अंतिम फैसला अभी बाकी है। अगर JLKM मैदान में उतरती है, तो उसके वोट गिरिडीह के चुनावी समीकरण को कितना प्रभावित करेंगे, यही सबसे बड़ा सवाल होगा।
सामाजिक कार्यकर्ता ग्लैडसन डुंगडुंग ने निशा उरांव पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि निशा उरांव गलत नैरेटिव पेश करने की कोशिश कर रही हैं और इसका मकसद RSS और BJP को खुश करके 2029 के लिए टिकट हासिल करना है। इस बयान के बाद झारखंड की राजनीति में सियासी बहस और तेज होने के आसार हैं।
ज्ञानेश कुमार पर झारखंड कांग्रेस का हल्ला बोल! केन्द्र के साथ ही सभी राज्य सरकारों को बर्खास्त करने की मांग फार्म-6 को लेकर जिस तरीके से सुप्रीम कोर्ट में सवाल खड़ा हुआ है, उसके बाद पूरी एसआईआर की प्रक्रिया पर कांग्रेस सवाल खड़ा कर रही है, कांग्रेस प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने कहा है कि 2019 के बाद के सभी चुनाव अवैध है, इस हालत में केन्द्र के साथ ही सभी राज्य सरकारों को बर्खास्त करते हुए पूरे देश में चुनाव करवाना चाहिए, लेकिन इसके पहले जरुरी है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा हो. आज LIVE LAGATAR के साथ कांग्रेस प्रवक्ता राकेश सिन्हा की खास बातचीत
सरना नहीं, शुद्ध सनातनी चेहरा”! “काला अंग्रेज” कहे जाने पर Gladson dundung का पलटवार. सरना धर्म कोड का विरोध करने वाले देवकुमार धान ने किया आदिवासी जमीन पर मंदिर का निर्माण! पूर्व मंत्री देवकुमार धान के द्वारा लेखक, शोधकर्ता और मानवाधिकार कार्यकर्ता ग्लैडसन डुंगडुंग को ‘काला अंग्रेज’ बताए जाने पर आदिवासी समाज के बीच सियासी बहस जारी है, अब ग्लैडसन डुंगडुंग ने Live lagatar के साथ खास बातचीत में दावा किया है कि देवकुमार धान ने आदिवासी जमीन पर मंदिर का निर्माण करवाया है.
भारत और वेस्टइंडीज के बीच 9 अक्टूबर को रांची के जेएससीए स्टेडियम में होने वाले टी20 मुकाबले को लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह है। लेकिन टिकट बिक्री के आखिरी दिन स्टेडियम के बाहर हजारों दर्शकों की भीड़ और लंबी कतार ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। घंटों इंतजार के बावजूद टिकट काउंटर की धीमी रफ्तार से फैंस परेशान नजर आए। कई दर्शकों ने 2000 रुपये के टिकट को 5000 रुपये तक में ब्लैक में बेचे जाने का आरोप लगाया। बोकारो, हजारीबाग, आरा और जमुई समेत कई जगहों से पहुंचे क्रिकेट प्रेमियों ने जेएससीए प्रबंधन से पारदर्शी और बेहतर टिकट व्यवस्था की मांग की।
गिरिडीह उपचुनाव के पहले आजसू का शक्ति प्रदर्शन! भाजपा के लिए “बैटिंग” या “सियासी भूचाल”! गिरिडीह उपचुनाव से पहले आजसू का युवा संवाद. हरेलाल महतो का सुदेश महतो का साथ छोड़ भाजपा ज्वाईन करने के फैसले के बाद आजसू इन दिनों सियासी संकट से गुजर रही है, इस बीच आजसू की ओर से गिरिडीह जिले के पीरटांड़ प्रखंड के नावाडीह पंचायत अंतर्गत जमुआ मैदान में युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन करने का फैसला किया गया है. आपको याद रहे कि पूर्व मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के देहांत के बाद गिरिडीह विधानसभा में उपचुनाव होना है, झामुमो की ओर से सुदिव्य कुमार सोनू की पत्नी श्वेता शर्मा को उम्मीदवार बनाया जाना तय माना जा रहा है, जबकि भाजपा की ओर से निर्भय कुमार शाहाबादी को एक बार फिर से अखाड़े में उतारने की तैयारी है. लेकिन इस बीच आजसू की ओर से गिरिडीह में ही युवा संवाद का आयोजन की घोषणा से कई सवाल खड़े हो रहे हैं, क्या वाकई भाजपा के पक्ष में सियासी जमीन तैयार करने में जुटी है, या फिर वह खुद अपनी सियासी जमीन तैयार करने की जुगत लगा रही है, इन दिनों भाजपा आजसू के रिश्ते के लेकर सियासी गलियारे में कई तरह की कहानियां चलती रहती है, तो क्या आजसू भी गिरिडीह मे अपना दावेदारी ठोकने जा रही है, Live lagatar पर आज इस सवाल पर चर्चा की जाएगी. दावा किया जा रहा है कि युवा संवाद में विस्थापन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, बिजली, पेयजल और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास जैसे मुद्दों व क्षेत्र की समस्या पर ग्रामीणों से चर्चा की जायेगी, लेकिन क्या इस युवा संवाद के पीछे कोई सियासी खेल भी है.
रांची में चुनाव आयोग कार्यालय के घेराव को लेकर यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर पहुंचे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय की दीवारों पर ‘वोट चोर’ लिखा और चुनाव आयोग के बोर्ड पर कालिख पोत दी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कार्यालय के बाहर बैरिकेडिंग की थी, लेकिन कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में 47 दिनों से बंद पड़े गेट का ताला मेयर रौशनी खलखो ने खुद खोल दिया। मेयर अपने समर्थकों के साथ स्टेडियम के अंदर पहुंचीं और मॉर्निंग वॉक किया। इस दौरान पुलिसकर्मी से उनकी बहस भी हुई। वहीं रांची डीसी ने स्टेडियम में निषेधाज्ञा लागू होने की बात कहते हुए ताला तोड़कर प्रवेश करने के मामले में कानूनी कार्रवाई की बात कही है। आखिर क्यों बंद था स्टेडियम और मेयर ने क्यों उठाया यह कदम? देखिए पूरी रिपोर्ट।
रांची में जयराम महतो के लिए उमड़ी भारी भीड़... कांके विधानसभा के खलारी में आयोजित 78वें दो दिवसीय जिउतिया मिलन समारोह में जयराम महतो मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इस दौरान लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम में मिले सम्मान और समर्थन पर जयराम महतो ने लोगों का आभार जताया। उन्होंने डुंडू, पुरनीराय और खलारी के लोगों को जोहार कहा।
रांची में चुनाव आयोग की कार्यशैली, SIR प्रक्रिया, मतदाता सूची, EVM और चुनावी पारदर्शिता को लेकर विरोध तेज है। इसी मुद्दे पर NSUI के प्रवक्ता मोहम्मद अफरोज अंसारी से खास बातचीत में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, SIR से संभावित प्रभाव, EVM और VVPAT, OBC कॉलम तथा आगे के आंदोलन को लेकर संगठन का पक्ष जाना गया। साथ ही 10 अक्टूबर से प्रस्तावित ‘दिल्ली चलो’ अभियान और विपक्षी व छात्र संगठनों के साझा आंदोलन की संभावनाओं पर भी सवाल किए गए।
रांची विश्वविद्यालय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले हजारों छात्रों के सामने बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्रों की शिकायतों में मेडिकल सुविधा, क्लासरूम की व्यवस्था, बाथरूम की साफ-सफाई और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं। छात्राओं की ओर से महिला गार्ड और महिला बाथरूम की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। अब सवाल है कि विश्वविद्यालय प्रशासन इन समस्याओं के समाधान के लिए कब तक ठोस कदम उठाता है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से सोमवार को विनोबा भावे विश्वविद्यालय परिसर स्थित विवेकानंद सभागार में ‘मातृ वंदन नारी शक्ति’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आईआरएस अधिकारी नीसा उरांव शामिल हुईं। कार्यक्रम में एबीवीपी की केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य कुमारी दिशा गुप्ता सहित संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, छात्राएं और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम का उद्देश्य नारी शक्ति को बढ़ावा देने के साथ महिलाओं और छात्राओं को सामाजिक मुद्दों, सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले कंटेंट तथा युवाओं के बीच बन रहे विभिन्न नैरेटिव को लेकर जागरूक करना था। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं को सशक्त और जागरूक बनाने के साथ उन्हें अपने अधिकारों, संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी सजग रहने की आवश्यकता है।
रांची विश्वविद्यालय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव के नाम पर हर साल करीब 50 लाख रुपये छात्रों से लिए जाते हैं। दोनों विश्वविद्यालयों में आखिरी बार 2019 में चुनाव हुए थे और इसके बाद सात साल से चुनाव नहीं हुए। दावा है कि इस दौरान छात्रों से करीब 3.50 करोड़ रुपये वसूले गए। छात्र संगठनों ने चुनाव कराने और जमा राशि का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है। वहीं रांची विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने जल्द चुनाव प्रक्रिया शुरू होने और नवंबर तक प्रक्रिया शुरू करने की उम्मीद जताई है।