बारिश की मार, तीन दशक पुरानी हो चुकी है ट्रांसमिशन लाइन, तार भी बेजार
झारखंड की बिजली व्यवस्था लगभग तीन दशक पुराने तारों पर टिकी हुई है. इन लाइनों को अब तक बदला नहीं जा सका है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हर साल लाइनों के रिपेयर और मेंटेनेंस में 55.84 करोड़ खर्च किए जाते हैं.
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