संभल मजिस्ट्रेट के तबादले को कांग्रेस ने न्यायिक स्वतंत्रता पर हमला करार दिया. सुप्रीम कोर्ट संज्ञान ले
पवन खेड़ा ने गुजरात का उदाहरण देते हुए कहा, डीजी वंजारा, माया कोडनानी या बाबू बजरंगी जैसे तमाम लोगों को जज बदलकर राहत दी गयी है. ऐसा मॉडल लोकतंत्र और इंसाफ के लिए बेहद घातक है. ऐसे में जब वकील समुदाय ने लोकतंत्र और इंसाफ को बचाने के लिए मुहिम शुरू की है तो हम उसका स्वागत करते हैं.
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