सुशील श्रीवास्तव हत्याकांडः पुलिस ने अखबार में छपी खबर के आधार पर साजिश की थ्योरी बनायी
न्यायालय ने अपने फैसले में अभियोजन पक्ष के गवाहों को पुलिस गवाह और स्वतंत्र गवाह के रूप में दो हिस्सों में बांटा है. न्यायालय ने स्वतंत्र गवाह के रूप में पेश किये गये मृतक के पुत्र और मृत के सहयोगी के बयान को संदेहास्पद माना है. पुलिस के गवाहों ने खुद को चश्मदीद गवाह करार दिया था. इन चश्मदीद गवाहों द्वारा बतायी गयी हमलावरों की संख्या में भारी अंतर पाया गया. किसी चश्मदीद गवाह ने हमलावरों की संख्या दो तीन बतायी थी तो किसी ने 8-10.
Continue reading
