गांव छोड़ब ना ही…नारा फिर गूंजा! जमीन विवाद से झारखंड में नक्सलवाद की आहट?
“गांव छोड़ब ना ही, जंगल छोड़ब ना ही… माई माटी छोड़ब ना ही, लड़ाई छोड़ब ना ही…”. झारखंड में कभी यह नारा उभरे नक्सल आंदोलन की पहचान हुआ करता था. आज, जब राज्य में नक्सलवाद कमजोर पड़ता दिख रहा है, एक नया सवाल उठ रहा है. क्या इतिहास या वही परिस्थिति फिर से जन्म लेने वाली है, जिनसे नक्सलवाद की शुरुआत हुई थी?
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