वाह लेखन मुंडा... देख नहीं सकते, पर अपनी बांसुरी की तान से कर देते हैं सबको मंत्रमुग्ध
संगीत की कोई भाषा और सीमा नहीं होती है, इस कहावत को रांची के बड़मु प्रखंड के समुबारुबेड़ा गांव निवासी लेखन प्रकाश मुंडा ने सच कर दिखाया है. लेखन प्रकाश मुंडा दृष्टिहीन होने के बावजूद अपनी बांसुरी की मधुर तान से न केवल झारखंड में, बल्कि दिल्ली, मुंबई, ओडिशा, हरियाणा सहित अन्य राज्यों में अपने हुनर का जादू बिखेरा है.
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